• प्रदेश के क्वारैंटाइन सेंटर कई जगहों पर बदहाली मगर कुछ जगहों पर व्यवस्था अच्छी भी
  • बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों और श्रमिकों को 14 दिनों के लिए रखा जा रहा है क्वारैंटाइन सेंटर में

दैनिक भास्कर

May 31, 2020, 06:25 PM IST

मुंगेली. जिले के ग्राम बांकी के क्वारैंटाइन सेंटर में कोरोना संक्रमण के इस दौर में कुछ अच्छा भी हो रहा है। गांव के सरपंच  और होल्हाबाग नवयुवा समिति के साथ मिलकर क्वारैंटाइन में रह रहे श्रमिक इन दिनों को अपनी जिंदगी की अच्छी यादें बनाने में जुटे हैं।  गांव के स्कूल को कवारैंटाइन सेंटर बनाया गया है। यहां रुके श्रमिकों ने अब तक 200 पौधे लगाए हैं। मैदान में उग आई झाड़ियों को संवार रहे हैं। 
यहां रह रहे महाराष्ट्र से आये मजदूर कुँवर सिंग यादव और दयादास निर्मलकर का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से हम अपने गांव की सेवा कर रहे हैं। समिति के सचिव नागेश साहू की टीम श्रमिकों की मदद कर रही है। 

क्वारैंटाइन सेंटर में योग और आध्यात्म 

श्रमिकों को योग भी कराया जा रहा है, 14 दिन के लिए ही सही मगर कुछ मजदूरों के जिंदगी की तकलीफ कुछ सेंटर्स में कम हुई है।
श्रमिकों को योग भी कराया जा रहा है, 14 दिन के लिए ही सही मगर कुछ मजदूरों के जिंदगी की तकलीफ कुछ सेंटर्स में कम हुई है।

कबीरधाम जिले के शासकीय अनुसूचित जाति आदर्श कन्या आश्रम को क्वारैंटाइन सेंटर बनाया गया है। श्रमिकों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सुबह और शाम को योग अभ्यास कराया जा रहा है। मानसिक तनाव को दूर करने के लिए टेलीविजन की व्यवस्था भी की गई है। प्रवासी श्रमिक यहां रामायाण, महाभारत और कृष्णा जैसे धार्मिक धारावाहिक देखकर न सिर्फ मनोरंजन कर रहे हैं बल्कि धार्मिक भावना की वजह से उनमें सकारात्मक उर्जा बढ़ाने का भी प्रयास हो रहा है। मजूदरों को यहां आयुर्वेदिक काढ़ा दिया जा रहा है।  श्रमिकों के मैन्यू में दाल चावल सब्जी,पापड़ और आम के आचार को शामिल किया गया है। 



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