• कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने दिए निर्देश
  • अमेरिकी प्रशासन ने विभाग से कहा, दफनाने की प्रक्रिया की भी लाइव स्ट्रीमिंग कराई जाए, 10 से ज्यादा लोग एकत्र नहीं हो पाएंगे अंत्येष्टि के दौरान

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 08:20 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच अमेरिका में एहतियात के तौर पर अंतिम संस्कार में मृतक और परिजनों के बीच भी दूर रहने का नियम लागू किया गया है। सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) यह नियम सख्ती से लागू करा रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने अंतिम संस्कार का जिम्मा संभालने वाले विभाग को निर्देश दिए हैं कि परिवारों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार से दूर रखा जाए और दफनाने की प्रक्रिया की लाइव स्ट्रीमिंग की जाए। वहीं इटली में ऐसी स्थिति में घर के एक या दो सदस्य ही शामिल हो पा रहे हैं।

परिजनों ने घर से देखी पूरी अंतिम क्रिया

अमेरिका में करोना वायरस के संक्रमण के चलते लोग अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। 82 वर्षीय इसाबेल काबरा गालिंदो का कुछ दिन पहले देहांत हुआ लेकिन उनके अंतिम संस्कार में सारे परिवारजन और दोस्त शामिल नहीं हो सके। उनके दोस्तों और परिवारजनों को घर से बाहर आने के लिए मनाकर दिया गया। उन्होंने अंतिम संस्कार के दौरान दफनाने की प्रक्रिया को लाइव स्ट्रीमिंग से देखा।

इटली में अपनी मां के फ्यूनरल पर एक शख्स।

कब तक ऐसा रहेगा, लोग असमंजस में

लोग इस स्थिति को लेकर असमंजस में हैं और उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि ऐसा कब तक चलेगा। इसे लेकर वो संघर्ष कर रहे थे। इसाबेल काबरा एक बेहद सामाजिक और खुशमिजाज महिला थीं। उन्हें लोगों से मिलना-जुलना और बागवानी करना बहुत पसंद था। पीड़ित परिवार का कहना है कि मेरी दादी जो बहुत सामाजिक थीं। उनके अंतिम संस्कार सिर्फ दस लोग ही शामिल हो पाए। ये बेहद दुखद था कि सारे परिवारजन उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके।

सारे संवाद वीडियो चैट और लाइफ स्टीमिंग से 

कोरोना वायरस के कारण कई महत्वपूर्ण आयोजनों को रद्द करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कारों में देर हो रही है, शादियां टल गई हैं। ग्रेजुएशन और बेबी शावर जैसे आयोजनों को भी रद्द करना पड़ा है। लोगों को सभी रोजमर्रा के आयोजनों जैसे स्कूल, ऑफिस मीटिंग, धार्मिक आयोजन और कॉलेज के सेमिनार के लिए वीडियो चैट और लाइव स्ट्रीमिंग पर निर्भर होना पड़ रहा है। अब अंतिम संस्कारों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। 

अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाया, यह बेहद दुखद बात

इसाबेल के पोते गर्रेट गालिंदो ने कहा, एक युवा होने के नाते मैंने इंटरनेट पर कई आयोजनों की लाइव स्ट्रीमिंग देखी है। लेकिन, इस बार लाइव स्ट्रीमिंग देखना बहुत दुखद रहा। ये बेहद दुखद था की मेरी दादी जो बहुत सामाजिक थीं और पार्टियों और आयोजनों को बेहद पसंद करती थीं। उनका अंतिम संस्कार सिर्फ 10 लोगों के सामने किया गया। ये बेहद दुखद था कि सारे परिवारजन उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। सिर्फ इसाबेल के तीन बेटे, बहुएं और तीन पोते ही अंतिम संस्कार में शामिल हुए और बाकी लोगों को लाइव स्ट्रीमिंग ही देखनी पड़ी।



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