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Surya Grahan 2020 June Today Time | Solar Eclipse Sutak Timings In Madhya Pradesh Bhopal, Temple Door Closed During Eclipse; prayer, All You Need To Know | भोपाल में दूधिया हुई रोशनी, लोगों ने घरों में भजन-कीर्तन किए, साफ सफाई के बाद मंदिरों के पट खुले

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  • राजधानी में सूर्य ग्रहण सवा 10 बजे शुरू हुआ, मंदिरों में पूजा-अर्चना कर भगवान को भोग लगाया
  • रविवार और कोरोना के कारण लोगों ने घर पर ही रहकर टीवी पर पूरा सूर्य ग्रहण देखा

दैनिक भास्कर

Jun 21, 2020, 02:49 PM IST

भोपाल. साल के पहले सूर्य ग्रहण के कारण भोपाल में दिन में ही सूरज निकलने के बाद भी दूधिया रोशनी हो गई। सुबह से ही सूरज और बादलों में लुका-छिपी हो रही थी, लेकिन 10 बजे के आसपास सूरज पूरी तरह चमकने लगा। ग्रहण के शुरू होते ही सूरज की रोशनी मध्यम पड़ने लगी। इससे पक्षियों के चहकने की आवाजें कम हो गईं। हालांकि, इस स्थिति में भी लोग सूरज को खुली आंखों से नहीं देख पाए। ग्रहण काल खत्म होने के बाद साफ-सफाई करके मंदिरों के पट खोल दिए गए। पूजा-अर्चना के बाद भगवान को भोग लगाया गया। 

भोपाल में लोगों ने घरों से ही सूर्य ग्रहण देखा। इस दौरान उन्होंने आंखों पर फिल्म और ग्लास का उपयोग किया।

सूर्य ग्रहण के शुरू होते ही लोगों ने घर में कीर्तन और जप शुरू कर दिए। घर के सदस्यों ने भगवान के पास बैठकर सूर्य देवता के मंत्र का जप किया। तुलसी की माला से लगातार मंत्रोचारण किया गया। सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले ही सभी मंदिरों के पट बंद कर दिए गए थे। इस दौरान लोगों ने खाना नहीं खाया और बच्चों को घर से बाहर नहीं जाने दिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार सूर्य ग्रहण धनु राशि में आ रहा है। इसलिए देश-दुनिया पर इसके दुष्प्रभाव ज्यादा पड़ेंगे। प्रदेश में राजधानी से लेकर इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सूर्य ग्रहण का समय अलग-अलग रहा। 

सूर्य ग्रहण के बाद भोपाल के लालघाटी स्थित गुफा मंदिर को साफ-सफाई के बाद खोला गया। 

भोपाल में सूर्य ग्रहण का समय 
भोपाल में सूर्य ग्रहण का 10.18 के आसपास रहा। इस दौरान आसमान में हल्की धूप और बादल छाए रहे। पंडित लेखराज शर्मा ने बताया कि अगर ग्रहण के दौरान बारिश होती, तो इसके दुष्प्रभावों को कम हो जाते। इस बार सूर्य के ज्यादा चमकदार होने के कारण लोग इसे खुली आंखों से नहीं देख पाए।

मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर खगोलशास्त्री इसे देख रहे हैं। भोपाल के श्यामला हिल्स में रीजनल साइंस सेंटर में सूर्य ग्रहण को देखा गया।

मध्यप्रदेश में 10.14 बजे शुरू हुआ
मध्य प्रदेश में करीब 10.14 बजे सूर्य ग्रहण शुरू हुआ। मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर खगोलशास्त्री इसे देखा गया। कोरोना के कारण नर्मदा स्नान पर प्रशासन ने प्रतिबंध कर रखा है। ग्रहण के बाद मोक्ष होने पर मंदिर के पट खोल दीए गए। जबलपुर में ग्रहण का असर देखा जा रहा है। 

भोपाल में ग्रहण के शुरू होते ही सूरज की रोशनी मध्यम पड़ने लगी। हालांकि, इस स्थिति में भी लोग सूरज को खुली आंखों से नहीं देख पाए।

ग्रहण के दौरान हवन-पूजन करते रहे लोग
ग्रहण समय में अच्छे फल के लिए लोगों ने घर पर रहकर जाप और हवन आदि किए। इसके बाद तीर्थ, स्नान और दान आदि की परंपरा है। रात को ही लोगों ने घर में खाने-पीने की वस्तुओं में कुशा या तुलसी के पत्ते डाल दिए थे। मिथुन, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वाले ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं आए। इस दिन रवि योग भी बना है। इस ग्रहण से तीन ग्रह प्रभावित हो रहे हैं। राहु ग्रहण लग रहा है, बुध सूर्य के साथ बैठा हुआ है और मंगल सूर्य को देख रहा है। 

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