दैनिक भास्कर

Apr 30, 2020, 07:26 PM IST

देशभर में कोविड-19 के कारण लॉकडाउन जारी है। ऐसे में सभी लोग घरों में बंद हो गए हैं और काफी लोग घर से ही काम कर रहे हैं। साथ ही सभी घर से बाहर जाने पर खुद को सैनिटाइज करने और नियमित रूप से हाथ साफ करने पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। लेकन इस दौरान घर में रहने से हम में आलस्य आ रहा है, जिसके कारण हम पर्सनल हाईजीन से जुड़ी कुछ बुनियादी मामले नजरअंदाज कर रहे हैं।

पर्सनल हाईजीन:  महिला की अपेक्षा पुरुषों में कम

हाईजीन के प्रति पुरुषों और महिलाओं के रुख अलग हैं। और माना जाता है कि पुरुषों के निजी हाईजीन और सजने-संवरने के मानक महिलाओं के मुकाबले कम होते हैं। 2010 में अमेरिकन क्लीनिंग इंस्टीट्यूट और अमेरिकन माइक्रोबायोलॉजी सोसाइटी के एक अध्ययन ने पाया कि किसी जानवर को सहलाने, खाद्यपदार्थ को छूने खांसने या झींकने के बाद भी पुरुषों के हाथ धोने की संभावना कम रहती है। सीके बिरला हॉस्पीटल के कंसलटेंट इंटरनल मेडिसिन, डॉ. तुषार तायल से जानें, हाईजीन से जुड़े छह गोल्डन रूल जिन्हें व्यवहार में लाना चाहिए। 

  • फेशियल हाईजीन (चेहरे की सफाई) – घर में रहते हुए भी रोज कम से कम दो बार अपने चेहरे को  जरूर साफ करें। इसके लिए फेशियल क्लिंजर या फेश वॉश का उपयोग करें। साबुन, बॉडी जेल या बॉडी स्क्रब का उपयोग नहीं करें। इससे आपकी त्वचा आवश्यक नमी से मुक्त हो जाएगी और इसका प्राकृतिक पीएच संतुलन गड़बड़ा जाएगा। इससे त्वचा रुखी-सूखी लगेगी और आप परेशानी महसूस करेंगे। आप फेशियल मास्क जैसे मड, क्ले, घर में बने या ओटमील के मास्क का भी उपयोग कर सकते हैं। हर तरह की त्वचा के लिए मास्क उपलब्ध हैं। इससे आपकी नाक और गालों पर तथा कभी-कभी ठुड्डी और कान पर पाए जाने वाले ब्लैकहेड को भी हटाना संभव होता है।
  • डेंटल हाईजीन (दांतों की सफाई) – यह एक ऐसा मामला है जो बड़े आराम से उपेक्षित छोड़ दिया जाता है। मुंह का स्वास्थ्य निजी हाईजीन का अहम हिस्सा है। आपको रोज दो बार ब्रश करना चाहिए। जीभ को रोज एक बार फ्लॉस या स्क्रब करना चाहिए। यह शरीर का सबसे उपेक्षित हिस्सा है। इसे कायदे से साफ नहीं किया जाए तो बैक्टीरिया के लिए जबरदस्त है। और ये मुंह में पड़े रहते हैं और इकट्ठा होते हैं। इसलिए, सांसों की बदबू से बचने के लिए जीभ साफ कीजिए और खाद्य पदार्थों के खराब होने से बनने वाली कैविटी से बचिए।
  • हेयर हाईजीन (बालों की सफाई) –  यह महत्वपूर्ण है कि सिर और चेहरे के बाल, नाक के बालों समेत ट्रिम किए और ठीक से संवारे हुए रहें। नियमित रूप से शेव कीजिए और दाढ़ी मूंछ ग्रूम करने करने वाले उत्पादों का उपयुक्त रूप से इस्तमाल कीजिए। बगलों के और गुप्तांगों के बाल भी ट्रिम करके रखें।
  • वर्कआउट (व्यायाम) के बाद शावर लेने (नहाने) में देर न करें – व्यायाम के दौरान निकलने वाला पसीना आपके रोमछिद्रों को बंद कर सकता है। इससे तेल और मृत त्वचा की कोशिकाएं अंदर ही रह जाएंगी। इससे मुंहासे और तकलीफदेह सिस्टिक पिम्पल होते हैं। यह न सिर्फ आपके चेहरे पर होगा बल्कि पीठ, बांह और पैरों पर भी होगा। एक मात्र समाधान यह है कि शावर में घुसिए और खुद पर किसी अनुशंसित  बॉडी वॉश से झाग बनाइए। इसमें सैलिसिलिक एसिड या बेनजॉयल पेरोक्साइड हो। गर्म पानी का उपयोग करने से बचिए। गर्म पानी से नहाने से शुष्की, लाली, खुजली हो सकती और संभव है, त्वचा उतरने लगे। इसलिए हमेशा गुनगुने पानी का ही उपयोग करें।  
  • नीचे अंदर तक साफ-सफाई रखिए – गुप्तांगों के आस-पास नीचे तक की जगह को भूलना नहीं चाहिए। यह जगह अमूमन नम रहती है, गर्म और अंधेरी भी। यह सब बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए बेहद अनुकूल है। वहां बैक्टीरिया की मौजूदगी दुर्गन्ध और त्वचा के संक्रमण का कारण बन सकती है। इसलिए, इस जगह को नियमित रूप से साफ कीजिए और हल्के-हल्के अच्छी तरह पोंछ दीजिए। पूरी जगह को सुखाकर एंटीफंगल डस्टिंग पावडर लगाइए। ऐसे अंडरवीयर पहनिए जिसमें हवा अच्छी तरह जाती-जाती हो।
  • अपना तौलिया नियमित बदलिए और चादर खूब साफ रखिए – आमतौर पर ये पॉलिएस्टर / कॉटन ब्लेंड से बने होते हैं, जिसमें दुर्गन्ध फंसा रह जाता है।
  • पैरों की साफ-सफाई (हाईजीन) – अगर आपके के पैर के नाखूनों में गंदगी जमा होने लगी है तो यह उन्हें काटने का संकेत है। नाखून काटिए किनारे गोल कीजिए और साफ रखिए। त्वचा को कोमल और  फटने से बचाने के लिए हैंड लोशन लगाइए।
  • मॉइश्चराइज कीजिए –  शरीर में लोशन लगाना और होंठो को मॉइश्चराइज करना सिर्फ महिलाओं की जरूरत नहीं है। होंठों को गीला रखने के लिए चाटने से बचिए। इससे आपका मुंह सूख जाएंगा और त्वचा खराब या रुखी हो जाएगी।

ग्रूमिंग की आदत उन चीजों में एक है जिसके बारे में माना जाता है कि हर कोई जानता है पर इसके बारे में खुलकर कोई बात नहीं करता है। आपकी त्वचा की किस्म के मद्देनजर आपको किन व्यवहारों का पालन करना चाहिए इस बारे में अपने चिकित्सा पेशेवरों से चर्चा करने में मत शर्माइए।



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