• शिवराज सिंह चौहान ने कंपनियों से कहा- रोजगार दें, सरकार उनके कार्य में सहयोग करेगी
  • मुख्यमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों तथा नियोक्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की

दैनिक भास्कर

Jun 24, 2020, 07:56 PM IST

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संकट काल में लौटे हर प्रवासी श्रमिक को मध्यप्रदेश की धरती पर ही उनकी योग्यता अनुसार रोजगार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सहित पूरी टीम उनके साथ खड़ी है। रोजगार सेतु के माध्यम से जहां प्रवासी श्रमिकों को उनकी दक्षता अनुसार रोजगार प्राप्त हो रहा है, वहीं नियोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार कामगार मिल रहे हैं। नियोक्ता अधिक से अधिक प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दें, सरकार उनके कार्य में सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री चौहान बुधवार को प्रदेश के 7 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों एवं 19 हजार से अधिक नियोक्ताओं को फेसबुक लाइव के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से कुछ जिलों में प्रवासी श्रमिकों एवं नियोक्ताओं से बातचीत भी की। इस बातचीत में उद्यमियों को भी शामिल किया गया। 

सभी को दिया जा रहा है रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक प्रवासी श्रमिक को रोजगार दिया जा रहा है। अभी तक 3 लाख 37 हजार 857 प्रवासी श्रमिकों के जॉब कार्ड बनाए गए हैं। वहीं एक लाख 62 हजार 840 को रोजगार दिया गया है। एसीएस मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में मनरेगा के अंतर्गत अभी तक 45 लाख 96 हजार मजदूरों को कार्य उपलब्ध कराया गया है।

6 हजार से अधिक को रोजगार सेतु के माध्यम से रोजगार
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 6004 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार सेतु के माध्यम से रोजगार दिया गया है, यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। मुख्य सचिव श्री बैंस ने कहा कि “रोजगार सेतु” कौशल अनुसार रोजगार दिलाने का ‘ऑटोमेटिक मोड’ बन गया है।

नियोक्ताओं ने कहा- जरूरत के अनुसार मिल रहे हैं कामगार

रोजगार सेतु में 19641 नियोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि रोजगार सेतु के माध्यम से उन्हें जरूरत के अनुसार कामगार आसानी से मिल रहे हैं। कोरोना संकट के कारण उपजी ‘लेबर प्रोब्लम’ दूर हो गई है।

सभी प्रवासी श्रमिक संबल योजना में
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रवासी श्रमिकों को संबल योजना में जोड़ा गया है। अब उन्हें बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, दुर्घटना सहायता, मृत्यु पर सहायता, अंत्येष्टि सहायता, बिटिया की शादी, प्रसूति सहायता, बिजली बिलों मे छूट आदि सभी सुविधाएं मिलेंगी।

प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को शालाओं में प्रवेश

मुख्यमंत्री ने बताया‍ कि प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के शालाओं में नामांकन के लिए प्रक्रिया अपनाते हुए प्रवासी श्रमिकों के साथ वापस लौटे 5 से 18 वर्ष के 2,06,425 बच्चों का चिन्हांकन किया जाकर 75,385 बच्चों को शालाओं में प्रवेश दिया गया है। शेष बच्चों को स्कूल चले अभियान में स्कूल चालू होने पर नि:शुल्क प्रवेश सुनिश्चित कराया जायेगा।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए 116 जिलों में महत्वपूर्ण “गरीब कल्याण रोजगार अभियान” चालू किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश के 24 जिले शामिल किए गए हैं। गरीब कल्याण रोजगार अभियान में मनरेगा में 100 के स्थान पर 125 दिवस कार्य उपलब्ध कराने के साथ ही प्रवासी श्रमिकों की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, सिंचाई व्यवस्था आदि विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि प्रदाय की जायेगी।



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