• सुबह की पाली में जिले में थे 57 परीक्षा केंद्र, दोपहर की पाली में 478 विद्यार्थियों के लिए बनाए गए 5 केंद्र

दैनिक भास्कर

Jun 11, 2020, 10:16 AM IST

सागर. कोविड-19 के संक्रमण के खतरे के बीच हो रही माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की शेष विषयों की परीक्षा में गेट से लेकर परीक्षा हॉल तक सोशल डिस्टेंसिंग (दो छात्रों के बीच 2 मीटर की दूरी) पर जोर दिया जा रहा है। लिहाजा परीक्षा के दौरान हाल में परीक्षार्थी न तो नकल कर पा रहे हैं और न ही साथी छात्र से कानाफूसी का मौका मिल रहा है।
बुधवार को दोनों पालियों में कुल 3202 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। सुबह की पाली में जिले में 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन पर 2818 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। दोपहर की पाली में 5 परीक्षा केंद्रों पर 384 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। गुरुवार को सुबह की पाली में बायोलॉजी तथा दोपहर की पारी में अर्थशास्त्र विषय का पेपर होगा। कोरोना वायरस के खतरे के कारण परीक्षा में काफी बदलाव आए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए जिन कक्षों में पिछले सालों तक एक साथ 30 से 40 विद्यार्थियों को बैठाकर परीक्षा ली जाती थी। उन्हीं कक्षों में अब अधिकतम 8, 14 और 18 परीक्षार्थी बैठाए जा रहे हैं। कम विद्यार्थी होने के कारण वीक्षक उनकी आसानी से निगरानी कर पा रहे हैं। साथ ही दो परीक्षार्थियों के बीच 2 मीटर की दूरी का अंतर होने के कारण वे आपस में पूछताछ भी नहीं कर पा रहे हैं। 

एमएलबी : टीम बोली-मुंह पर मास्क लगाओ, विद्यार्थियों का जवाब पंखा तो चालू कराओ
परीक्षा केंद्र एमएलबी क्रमांक-1 में बुधवार को प्राइवेट परीक्षाथी परीक्षा दे रहे थे। एक कक्ष में सभी परीक्षार्थी बिना मास्क लगाए परीक्षा दे रहे थे। यहां उड़नदस्ता दल के सदस्य पहुंचे तो मास्क नहीं लगाने पर आपत्ति जताई। टीम ने विद्यार्थियों से कहा कि यहां तो यहां तो सभी बिना मास्क बैठे हैं। मास्क लगाएं। इस पर विद्यार्थियों ने कक्ष का एक पंखा बंद होने का कारण बताते हुए गर्मी लगने का तर्क दिया। टीम ने फिर भी मास्क लगाने के लिए कहा। इस पर विद्यार्थियों ने भी आपत्ति ली और कहा कि पहले पंखा चालू कराएं। टीम में शामिल खेल अधिकारी संजय दादर और अनुभव श्रीवास्त ने बंद पंखे के नीचे बैठे विद्यार्थियों का तत्काल कक्ष बदलवा कर दूसरे कमरे में बैठने की व्यवस्था की। 
कमरा नंबर एक में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन
केंद्र के कमरा नंबर-1 में दो लाइनों में वीक्षक ने परीक्षार्थियों को बिना सोशल डिस्टेंसिंग के बैठा दिया था। जब टीम को इस बारे में बताया गया तो टीम ने वीक्षक से जवाब तलब किया। वीक्षक का कहना था कि एक दूसरे जिले का परीक्षार्थी अंतिम समय में परीक्षा देने के लिए आ गया था। परीक्षार्थियों और वीक्षक का यह भी तर्क था कि खिड़की से धूप आने के कारण विद्यार्थियों की जगह बदली गई थी। बाद में टीम ने यहां कक्ष में काफी जगह खाली देख सोशल डिस्टेंसिंग के तहत परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था कराई। यहां परीक्षार्थियों से नकल भी पकड़ी की गई। अनुशासन बनाए रखने के लिए एक कक्ष में तो केंद्राध्यक्ष को परीक्षार्थी को नकल प्रकरण बनाने की चेतावनी तक देनी पड़ी। 



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