• व्हाइट ब्लड सेल्स रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती हैं लेकिन ल्यूकेमिया में ये असामान्य रूप बढ़ने लगती हैं और इम्युनिटी घटती है
  • ल्यूकेमिया की सटीक वजह पता नहीं चल पाई है लेकिन इसके लक्षण दिखने पर अलर्ट होेने की जरूरत

दैनिक भास्कर

Apr 30, 2020, 02:34 PM IST

अभिनेता इरफान खान के बाद ऋषि कपूर भी नहीं रहे। वे 67 साल के थे। गुरुवार सुबह मुंबई के एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया। ऋषि कपूर दो साल से ल्यूकेमिया से जूझ रहे थे जो एक तरह ब्लड कैंसर होता है। ब्लड कैंसर खून बनाने वाले ऊतकों का कैंसर होता है जिसमें बोन मैरो भी शामिल है। इलाज की बात स्वीकारते हुए ऋषि कपूर ने अपने अंतिम इंटरव्यू में कहा था जैसे लोग लिवर, किडनी और हार्ट की बीमारी से जूझते हैं वैसे मेरा मैरो ट्रीटमेंट चल रहा है। जानिए क्या है ल्यूकेमिया…,

Q&A : सवालों से समझिए कितना खतरनाक है ल्यूकेमिया

#1)  क्या होता है ल्यूकेमिया?
यह एक तरह का ब्लड कैंसर है जिसे क्रॉनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (सीएलएल) भी कहते है। आमतौर पर शरीर में मौजूद व्हाइट ब्लड सेल्स शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती हैं लेकिन ल्यूकेमिया की स्थिति में असामान्य रूप से इन कोशिकाओं की संख्या बढ़ने लगती है। इनका आकार बदलने लगता है। धीरे-धीरे रोगों से लड़ने की क्षमता यानी इम्युनिटी घटने लगती है। इसके ज्यादातर मामले बढ़ती उम्र के लोगों में सामने आते हैं। 

#2) क्या बदलाव दिखने पर अलर्ट हो जाएं?
ल्यूकेमिया की सटीक वजह क्या है यह अब साफ नहीं हो पाया है लेकिन कुछ लक्षण ऐसे है जिसके दिखने पर अलर्ट हो जाना चाहिए, जैसे-

  • तेजी से वजन का घटना
  • हर समय थकान महसूस होना
  • बार-बार शरीर में संक्रमण का फैलना या बीमारी होना
  • सिरदर्द महसूस होना
  • त्वचा पर धब्बे
  • हड्‌डी में दर्द महसूस होना
  • अधिक पसीना निकलना (खासतौर पर रात में)



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