• कोरोना के कारण 14 से 25 जून तक के लिए मंदिरों में श्रृद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है
  • ओरछा में मंगलवार को शाम पूजा-आरती के बाद 4 बजे घोड़ों के रथ पर विराजमान हुए हैं भगवान

दैनिक भास्कर

Jun 24, 2020, 06:50 PM IST

टीकमगढ़. धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा में श्री रामराजा सरकार तीन दिन के लिए चौक पर विराजमान रहेंगे, लेकिन श्रद्धालु उनके दर्शन नहीं कर पाएंगे। जानकारों ने बताया कि ओरछा मंदिर के 500 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला कि रथ यात्रा के दौरान भगवान गर्भगृह से बाहर आकर चौक में विराजमान रहेंगे। मंगलवार को रथ यात्रा के पावन पर्व पर शाम 4 बजे श्री रामराजा सरकार रथ पर विराजे हैं।

बता दें कि लॉकडाउन में 85 दिन बंद रहने के बाद 8 जून को मध्य प्रदेश के मंदिर खुलने के साथ ही श्री रामराजा सरकार के द्वार भी खुल गए थे, लेकिन कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद मंदिर को बंद कर दिया था। 14 से 25 जून तक के लिए मंदिरों में श्रृद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया।

श्रीरामराजा सरकार के मंदिर में मंगलवार को शाम 4 बजे विशेष आरती का आयोजन किया गया। वैसे तो मंगल पुष्य और तीन दिवसीय रथ यात्रा के पावन पर्व पर श्रीराम राजा के दरबार में बुंदेलखंड से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पैदल चलकर ओरछा पहुंचते हैं, लेकिन कोरोना महामारी के संक्रमण के चलते प्रशासन द्वारा मंदिर में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर लगाए प्रतिबंध के कारण मंदिर परिसर के बाहर सन्नाटा रहा। मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज ने अन्य मंदिरों के पुजारियों की उपस्थिति में रथयात्रा पर्व पर शाम चार बजे श्रीरामराजा सरकार की आरती की। इस दौरान मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज द्वारा श्री रामराजा सरकार का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। 

मंगलवार को रथयात्रा के पहले हुई आरती 

इसके पहले दोपहर 12.30 बजे राज भोग आरती हुई। शाम चार बजे रथ यात्रा पर्व पर मंदिर के चौक में रथ पर विराजमान श्री राम, लक्ष्मण व जानकी जी की मनोहारी झांकी के साथ आरती का आयोजन किया गया। कोरोना काल के समय श्री रामराजा मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवेश बन्द होने के बावजूद भी जिला प्रशासन व मंदिर प्रबंधन द्वारा मंदिर की 500 वर्ष पुरानी परम्पराओं का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। 

कोरोना मरीज मिलने के बाद मंदिरों पर लगाया प्रतिबंध
निवाड़ी में लॉकडाउन के समय से मंदिर के कपाट भी बंद थे, लेकिन अनलॉक के दौरान श्रीरामराजा सरकार के कपाट खुले और लोगों को 13 जून तक ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से दर्शनों की सुविधा दी गई, लेकिन इसी दौरान निवाड़ी जिले महानगरों से लौटे प्रवासियों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद आपदा प्रबंधन की बैठक बुलाई गई। जिसमें सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जिले के प्रमुख मंदिरों में लोगों का प्रवेश पुन: प्रतिबंधित किया जाए। जिससे कोरोना का संक्रमण न बढ़ सके।



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