• 15 फरवरी से सीबीएसई की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, हर साल 28 से 30 लाख स्टूडेंट्स इसमें शामिल होते हैं
  • राजस्थान बोर्ड की परीक्षाएं मार्च में होंगी, 22 लाख छात्र होंगे,  जेईई मेंस जनवरी में हो चुका और एडवांस्ड मई में 

Dainik Bhaskar

Feb 07, 2020, 02:44 AM IST

जयपुर. राजस्थान ही नहीं पूरे देश में परीक्षाओं का मौसम आ चुका है। सीबीएसई और आरबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही तमाम प्रतियोगी परीक्षाएं सिर पर हैं। ये मौसम बच्चों के बढ़ते तनाव का भी है। पहली बार भास्कर के मंच पर देश की सबसे बड़ी परीक्षाएं कराने वाली संस्थाओं एनटीए, सीबीएसई और आरबीएसई के प्रमुख बच्चों को बता रहे हैं कैसे ये तनाव कम करें…

प्यारे बच्चो, 

हमें मालूम है अभी आप एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। 10वीं, 12, इंजीनियरिंग व मेडिकल जैसी कई परीक्षाओं के लिए आपने अपनी नींद खो दी है। आप कई रातों से सोए नहीं हैं और बहुत दिनों से खेलने भी नहीं गए हैं। रिपीट मोड पर बजने वाले किसी गाने की तरह बार-बार आपके दिमाग में एक ही सवाल होगा – पेपर कैसा आएगा? आपको यही चिंता सता रही होगी कि आप कर पाएंगे या नहीं, रिजल्ट कैसा आएगा। हम जानते हैं कि परीक्षा का प्रेशर हर साल आपको बेहाल कर देता है। आपकी थकान और बुझा हुआ चेहरा हमें और आपके पेरेंट्स को परेशान करता है। इसीलिए आप सबसे हमारी ये गुजारिश है, कि ऐसा बिल्कुल न करें। बच्चों… यह वक्त बिल्कुल तनाव नहीं लेने का है। बेशक मोटी किताबें और लंबा चौड़ा सिलेबस आपको स्ट्रेस दे रहे होंगे, लेकिन यह वक्त घबराने का नहीं तनाव का डटकर मुकाबला करने और पढ़ने का है। हम बखूबी जानते हैं कि आपमें से हरेक बहुत टैलेंटेड है और एग्जाम के कम या ज्यादा मार्क्स आपके उस टैलेंट को नहीं परख सकते। लेकिन यह भी सच है कि ये परीक्षाएं भी आपको भविष्य के लिए मजबूत बनाएंगी। बस अपने पैशन का इस्तेमाल खुद काे रिफ्रेश करने के लिए करना है। उदाहरण के तौर पर अगर आपके भीतर के म्यूजिशियन के सुरों को केमिस्ट्री के फॉर्मूलों ने सुस्त बना दिया है तो ब्रेक लें, थोड़ा सुस्ताएं और गुनगुनाएं। रिलैक्स होकर पढ़ेंगे तो ऊर्जा बनी रहेगी। अगर क्रिकेट का पैशन है और अकाउंटिंग आपको परेशान कर रही है तो रुकें और कुछ देर खेल आएं, फिर देखिए कैसे आप कोर्स में चौके छक्के लगाएंगे। पेंटिंग पसंद है और ज्योग्राफी याद नहीं हो रही तो स्केचिंग कर लें। पेपर चाहे जैसा आए यह मत भूलिए… जीवन की परीक्षा में आप टॉपर ही हैं। यह भी सच है कि मार्क्स कभी भी आपके सपने आपसे खींच कर नहीं ले जा सकते और टैलेंट को आगे बढ़ाने के लिए आपको बहुत मौके मिलेंगे।  हम सब आपसे यही कहना चाहते हैं कि जितना पढ़ सकते हैं, उतना पढ़ें। पर्याप्त खाएं, थोड़ी एक्सरसाइज करें और अच्छी नींद लें, रिजल्ट अच्छा ही आएगा। 

अंत प्रसून जोशी की इन पंक्तियों के साथ –

तुझ में अगर प्यास है
बारिश का घर भी पास है
हो रोके तुझे कोई क्यों भला
संग संग तेरे आकाश है
तू धूप है झम से बिखर
तू है नदी ओ बेखबर
बह चल कहीं उड़ चल कहीं
दिल खुश जहां

 



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