• स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने राज्य में श्रमिकों के आने की संभावना जताई, दोनों ट्रेनें चांपा के लिए रवाना होंगी
  • राज्य के 18491 क्वारैंटाइन सेंटर में 6.78 लाख की क्षमता, अभी 1.36 लाख से ज्यादा श्रमिक रखे गए

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 11:21 AM IST

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जम्मू में फंसे श्रमिकों को वापस लाने के लिए दो ट्रेनों का इंतजाम करवाया है। दोनों ही ट्रेनें 27 मई को कटरा से जाजंगीर के चांपा के लिए रवाना होंगी। पहली ट्रेन दोपहर एक बजे और दूसरी ट्रेन शाम 7 बजे कटरा से चलेगी। लॉकडाउन के कारण जम्मू में छत्तीसगढ़ के 26,700 श्रमिक फंसे हुए हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने संभावना जताई है कि आने वाले समय में 4 लाख से ज्यादा मजदूर प्रदेश में आ सकते हैं। प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के आने के साथ कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। राज्य में अभी तक 360 संक्रमित मिले हैं। इनमें से 281 एक्टिव केस हैं। 

Raipur Korba (Chhattisgarh) Coronavirus Cases Today | Chhattisgarh District Wise Coronavirus Active Cases Updates; Bhilai Raipur Korba Durg Bilaspur Rajnandgaon | राज्य में 4 लाख श्रमिक आएंगे, कटरा से आज चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, 26700 श्रमिक वहां फंसे; लॉकडाउन से 23 हजार करोड़ का नुकसान
ये तस्वीर बिलासपुर की है। 1 लाख 400 किसानों का 86 करोड़ बोनस उनके खाते में आया है। उसे लेने के लिए सहकारी बैंक पहुंचे किसानों की ऐसी भीड़ जुटी कि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं। 

प्रदेश में 48116 संदिग्धों की पहचान, 2922 की रिपोर्ट का इंतजार

छत्तीसगढ़ में प्रवासी मजदूरों के लिए 18491 क्वारैंटाइन सेंटर चिन्हित किए गए हैं। इनकी क्षमता 6 लाख 78 हजार 720 है। यहां अभी 1 लाख 36 हजार 633 मजदूर रखे गए हैं। 
सरकार का कहना है कि प्रदेश में अब तक 48116 कोरोना संदिग्धों की पहचान कर उनकी जांच की गई, जिसमें 4522 की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। जबकि 2922 की रिपोर्ट का अभी इंतजार है। राज्य में 151 क्वारैंटाइन सेंटर अन्य बनाए गए हैं। इनकी क्षमता 3292 लोगों की है। इसमें अभी 914 लोग रह रहे हैं। वहीं, 40649 लोग प्रदेश में होम क्वारैंटाइन में रखे गए हैं।

छत्तीसगढ़ में कोरोना

  • 360 संक्रमित मिले : मुंगेली 70, बिलासपुर 42, कोरबा 41, राजनांदगांव 35,  जांजगीर 15, बालोद 24, बलौदाबाजार 19, कवर्धा 13, कांकेर 12, दुर्ग और रायगढ़ 10-10, रायपुर और बलरामपुर 9-9, सूरजुपर और कोरिया 8-8, सरगुजा 7, गरियाबंद 5, बेमेतरा, गौरेला, पेंड्रा, मरवाही और जशपुर 3-3, धमतरी 2
  • 281 एक्टिव केस : मुंगेली 70, बिलासपुर 47, राजनांदगांव 34, बलौदाबाजार 17, बालोद 16, बेमेतरा 15, कोरबा और कांकेर 12-12, बलरामपुर 9, कोरिया और सरगुजा 7-7, कवर्धा 6, रायगढ़ और जांजगीर 10-10, गरियाबंद 4, जशपुर, गौरेला, पेंड्रा, मरवाही 3-3, रायपुर और धमतरी 2-2, सूरजपुर 1
    79 मरीज स्वस्थ हुए : दुर्ग 10, कोरबा  29, बालोद 8, सूरजपुर, कवर्धा और रायपुर 7-7, जांजगीर 5, बलौदाबाजार 2, गरियाबंद, बिलासपुर, राजनांदगांव और कोरिया 1-1

मोदी के दोनों कार्यकाल लोगों के लिए तकलीफदेह
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अनियोजित लॉकडाउन की वजह से ही सड़क पर मजदूरों का हाल बेहाल है। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का वैसा ही गलत फैसला है जैसा पहले कार्यकाल मेें नोटबंदी का फैसला था। कोरोना से प्रदेश में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने सभी जिलों को 24.50 करोड़ रुपए दिए हैं। यह राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष से दी गई है।  रायपुर, बलौदाबाजार, राजनांदगांव, कवर्धा और बिलासपुर जिले को 2-2 करोड़, मुंगेली जिले को 1.50 करोड़ बस्तर, कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज और सूरजपुर जिले को 1-1 करोड़ मिले हैं।

मनरेगा और वेतन पर ही बजट खर्च करेगी सरकार
लाॅकडाउन के कारण प्रदेश को करीब 23 हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान है। वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून तक राज्य की कमाई का सीजन माना जाता है, लेकिन यही लॉकडाउन की बलि चढ़ गया। व्यापार बंद रहने से इसमें भारी गिरावट आ रही है। बंद की वजह से खनिज दोहन, शराब की बिक्री बंद होने से इससे मिलने वाले मुनाफे पर बड़ा असर पड़ा है। सरकार का अनुमान है कि कुल वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ही 25 फीसदी तक राजस्व कलेक्शन आ जाता है, लेकिन इसमें 15 से 18 प्रतिशत तक कमी आई है। इस तरह पूरे वर्ष में 30 फीसदी तक कमी हो सकती है, क्योंकि कोरोना का असर सालभर रहने की संभावना है।

खर्च में प्राथमिकताएं

क्वारैंटाइन सेंटर नहीं, डीएमई से मिले डीन व अधीक्षक
लगातार मरीज बढ़ने के बाद पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के पास क्वारैंटाइन सेंटर की समस्या होने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार मरीज बढ़ने से उनका इलाज कर रहे डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मियों को 14 दिनों के लिए क्वारैंटाइन करना है। मेडिकल कॉलेज का ब्वायज और गर्ल हॉस्टल पैक है। फाॅरेस्ट कॉलोनी में भी सिकलसेल इंस्टीट्यूट है। यही नहीं, वहां 9 क्वार्टर में तीन डीएफओ, दो आईएएस, एक मंत्री का पीए समेत कई लोग रह रहे हैं। ऐसे में इसे खाली कराने में दिक्कत हो रही है। अंबेडकर अस्पताल में एक नर्स सोमवार को कोरोना पॉजीटिव मिली थी। 

बिलासपुर जिला एक बार फिर से ग्रीन से रेड जोन में आ गया है। इसके चलते पुलिस ने रात में फ्लैगमार्च किया और लोगों से घरों में ही रहने की अपील की। हालांकि दुकानों के खुलने और बंद होने के समय को लेकर अभी कोई नए निर्देश नहीं जारी किए गए हैं। 

बिलासपुर : कोरोना संक्रमण और लाकडाउन को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 15 जून तक की व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। इस दौरान हाईकोर्ट के अधीनस्थ सभी न्यायालयों में 18 मई तक के पहले की स्थिति के आधार का कामकाज होगा। जिसमें अतिआवश्यक मामले, जमानत अर्जी, सजा आवेदनों का निलंबन आदि पर विचार होगा। इसी प्रोटोकॉल को अधीनस्थ न्यायालयों पर लागू किया जाएगा। वहीं, रायपुर में जिला न्यायाधीश ने 12 जून तक नियमित सुनवाई और सामान्य कामकाज का आदेश जारी किया है। इस दौरान 5 साल पुराने मामले, नए मामले, जमानत, सुपुर्दनामा और आवश्यक मामलों की ही सुनवाई की जाएगी। जिसके अनुसार अधिवक्ता और पक्षकारों को 12 जून तक होने वाले सुनवाई में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। 

रायपुर : कोरोना काल में बहुत थोड़ी सी ट्रेनें शुरू हुई हैं, लेकिन इसके साथ अवैध टिकटों का गोरखधंधा भी शुरू हो गया है। मंगलवार को रायपुर में अारपीएफ की डिटेक्टिव विंग ने छापा मारकर एक टिकट दलाल को पकड़ा है। उसके पास से 26 हजार रुपए के 12 अवैध ई-टिकट जब्त किए गए हैं। डिटेक्टिव विंग के इंस्पेक्टर बीके चौधरी ने बताया कि सोमवार रात से ही कुरुद का दलाल नजर में था। इसे रायपुर से लगातार ट्रेस किया या और फिर मंगलवार को टीम वहां पहुंच पुराने मार्केट रोड पर ओल्ड मंडी कॉम्प्लेक्स की शॉप नंबर-13 में राधा स्वामी ट्रैवल्स पर छापा मारा तो राहुल वरदियानी पकड़ा गया।

भिलाई : पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय ने एमबीबीएस सेकेंड ईयर सहित बीपीटी, नेचुरोपैथी, एमडी, एमएस आयुर्वेदिक, एमडीएस (डेंटल) की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इन विषयों की पढ़ाई कर रहे चिकित्सा विज्ञान के छात्र अपने घरों में हैं। लॉकडाउन के कारण वह वापस नहीं आ पाए। आयुष विवि ने पहले विद्यार्थियों को वापस लाने की व्यवस्था कॉलेज प्रशासन को करने के लिए कहा था, लेकिन कॉलेज के संचालकों और प्राचार्यों ने वापसी की जिम्मेदारी छात्रों पर ही डाल दी। साथ ही परीक्षा के पहले 14 दिन होम क्वारैंटाइन में भी रहने की शर्त रख दी। इससे छात्रों की परेशानी बढ़ गई। 





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here