• स्थानीय सरकारें कुछ कर भी रहीं हैं, लेकिन नीतीश ने संबंधित राज्यों से बात नहीं की
  • तेजस्वी यादव ने पूछा- मजदूरों और छात्रों से इतना बेरुखी भरा व्यवहार क्यों

दैनिक भास्कर

Apr 18, 2020, 07:07 PM IST

पटना. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए बस भेजने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आपत्तियों पर कटाक्ष किया है।

उन्होंने कहा कि देशभर में बिहार के लोग फंसे हैं और नीतीश कुमार लॉकडाउन की मर्यादा का पाठ पढ़ा रहे हैं। प्रशांत ने ट्वीट किया- स्थानीय सरकारें कुछ कर भी रहीं हैं, लेकिन नीतीश ने संबंधित राज्यों से अब तक कोई बात नहीं की है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में भी बिहार के बाहर फंसे मजदूरों को वापस लाने के मुद्दे पर चर्चा तक नहीं की।

नीतीश शायद इकलौते ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो पिछले एक महीने से लॉकडाउन के नाम पर अपने बंगले से बाहर नहीं निकले हैं। संवेदनशीलता और व्यस्तता ऐसी है कि कुछ करना तो दूर इस दौरान बिहार के फंसे लोगों की मदद के लिए आपने किसी राज्य के मुख्यमंत्री से फोन पर भी बात करना जरूरी नहीं समझा।

वहीं- राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि बिहार सरकार अनिर्णय की स्थिति में क्यों है? अप्रवासी मजदूरों और छात्रों से इतना बेरुखी भरा व्यवहार क्यों है? 3 दिन में बिहार के 3 गरीब मजदूर की मौत हो चुकी है। उनके प्रति असंवेदनशीलता क्यों है?





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