दैनिक भास्कर

Apr 02, 2020, 07:51 PM IST

पटना. कोरोना इफेक्ट के कारण खान एवं भूतत्व विभाग को कड़ा झटका लगा है। तमाम कोशिशों के बाद भी विभाग अपना राजस्व वसूली का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सका। 31 मार्च को खत्म हुए वित्तीय वर्ष की रिपोर्ट आने के बाद अंतिम गणना में उसका राजस्व वसूली 80 फीसदी पर ही रुक गया। विभाग ने अपने लिए राजस्व वसूली का लक्ष्य 2000 करोड़ रुपए रखा था, लेकिन वर्ष खत्म होने तक वह 1611 करोड़ वसूल सका। हालांकि मौजूदा प्रतिकूल परिस्थिति में विभाग इसे अपनी उपलब्धि के रुप में देख रहा है। विभाग का दावा है कि यदि परिस्थिति सामान्य होती तो वह शत-प्रतिशत राजस्व प्राप्त कर सकता था।

विभाग ने पिछले वर्ष 2018-19 के समाप्त होने के बाद नये साल में वर्ष 2019-20 में अपने लिए 2000 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा था। हालांकि शुरु में उसकी राजस्व वसूली की गति बेहद धीमी रही। इस साल जनवरी तक तो उसने महज 40 फीसदी राजस्व ही वसूले थे। मात्र दो माह में 60 फीसदी राजस्व वसूली बड़ी चुनौती रही। राजस्व वसूली को लेकर खान एवं भूतत्व मंत्री वृजकिशोर बिंद और विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर ने कई बार उच्च स्तरीय बैठकें भी की। इन बैठकों का सकारात्मक परिणाम सामने आया और विभाग का राजस्व वसूली तेजी से बढ़ा।

उधर, विभाग ने सभी सरकारी कार्य विभागों से भी अपने बकाये की वसूली तेज की। उसने संबंधित कार्य विभागों के पास नियमित तकादा शुरु किया। विभागों से भी उसे अच्छी-खासी राशि प्राप्त हुए। वसूली की गति को देखकर मार्च के प्रारंभ में विभाग अपने लक्ष्य को लेकर आश्वस्त था। लेकिन कोरोना इफेक्ट ने उसे कड़ा झटका दिया। विभाग के अधिकारियों की कड़ी मेहनत के बाद भी विभाग अपना टारगेट पूरा नहीं कर सका।



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