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    ग्रमीणों से बचने को एक शावक पहाड़िया में छिपा, एक घायल हुआ, मां एक घर में दुबकी, तीन घंटे बाद रेस्क्यू किया  

दैनिक भास्कर

Apr 30, 2020, 07:34 PM IST

खमनौर. (मनीष पुरोहित)। बड़ा भाणुजा ग्राम पंचायत में गुरुवार को एक मादा पैंथर अपने दो शावकों के साथ आबादी क्षेत्र में आ गई। पैंथर के आबादी क्षेत्र में आने से ग्रामीणों में हलचल मच गई। लोग लकड़ियां लेकर उनके पीछे भागने लगे।

इससे एक शावक खेतो में होकर पहाड़ी की तरफ भाग गया और एक शावक आबादी के पास खेतों में घायल होकर गिर गया। उदयपुर से पहुंची रेस्क्यू टीम मादा पैंथर व एक शावक को ट्रेंकुलाइज कर राजसमन्द लेकर गई जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर वन क्षेत्र में छोड़ दिया। ट्रेंकुलाइज किए मादा पैंथर की उम्र चार वर्ष व मादा शावक की उम्र करीब एक वर्ष बताई जा रही है।

बड़ा भाणुजा में अस्पताल के पीछे की पहाड़ियों से एक मादा पैंथर अपने दो शावकों के साथ आबादी क्षेत्र में आ गई। सुबह बाड़े में काम कर रही महिलाओं ने पैंथर को देख हल्ला मचाना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और तेंदुए और शावकों के पीछे लकड़िया लेकर दौड़ने लगे। इससे एक शावक जंगल की तरफ भाग गया और पैंथर आबादी क्षेत्र में होते हुए एक एक कमरे की खिड़की में घुस गई। मकान मालिक ने पैंथर को खिड़की में घुसते देख कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। वहीं एक शावक के पीछे ग्रामीण दौड़ते हुए उसे जंगल की तरफ ले गए। कुछ दूरी पर शावक झाड़ियों के बीच घायल होकर गिर गया।

ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी जिस पर राजसमंद डीएफओ फतेह सिंह, सहायक वन संरक्षक विनोद कुमार राय, नाथद्वारा रेंजर मोहम्मद इस्माइल शेख, वनपाल राजेश कुमार मेहता, वनरक्षक रामचंद्र पालीवाल, वनपाल रतनलाल, सहायक वनपाल लोकेंद्र सिंह, वनरक्षक नंद लाल गमेती, शंभू नाथ वहां पहुंचे और कमरे में बंद पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया।

पिंजरे में कुत्ते को बिठाकर पैंथर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह बाहर नहीं आई। इसके बाद डीएफओ फतेह सिंह झाड़ियों में फंसे शावक के वहा पहुंचे। शावक झाड़ियों में फंसा हुआ था। शावक को पकड़ने जैसी स्थिति नहीं होने से डीएफओ ने उदयपुर के शूटर को सूचना दी। करीब डेढ़ घंटे बाद उदयपुर से शूटर डीपी शर्मा, वनरक्षक जितेंद्र सिंह, लाल सिंह, शैलेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे और शावक को ट्रेंकुलाइज किया। ट्रेंकुलाइज करने के करीब 30 मिनिट बाद भी शावक ने झाड़ियों में हलचल शुरू कर दी। उसे फिर ट्रेंकुलाइज किया गया। वन विभाग की टीम ने शावक को झाड़ियों से निकाल पिंजरे में डाल दिया। 

panther and cub rescued | अपने 2 बच्चों के साथ गांव में घुसी पैंथर को ग्रामीणों ने दौड़ाया, एक शावक पहाड़ियो में छिपा, वन विभाग ने मां और एक शावक को ट्रेंकुलाइज कर जंगल में छोड़ा
पैंथर को ट्रेंकुलाइज करते वन विभाग के कर्मचारी।

फिर वन विभाग की टीम मकान के कमरे में फंसी पैंथर को पकड़ने के लिए गांव में गई। कमरे के गेट पर छेद कर कर पैंथर को देखा और उसे भी ट्रेंकुलाइज किया। शरीर में दवाई के जाने के करीब 30 मिनिट बाद वह खुद ही बाहर आकर पिंजरे में कैद हो गई। वन विभाग ने पिंजरे को बंद कर दिया। दोनों का पशु चिकित्सक डॉ कुल्दीप कौशिक ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। वन विभाग की टीम दोनों को राजसमन्द ले गई जहां एक बार ओर स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर शावक व उसकी मां को जंगल मे छोड़ दिया गया।



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