• परिजनों व ग्रामीणों की पथराई आंखें, झारखंड के शहीदों को 10 लाख रुपए देगी राज्य सरकार

दैनिक भास्कर

Jun 19, 2020, 07:23 AM IST

साहेबगंज. भारत चीन बॉर्डर पर गलवान घाटी में भारत चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प में शहीद हुए साहेबगंज के लाल कुंदन कुमार ओझा के पार्थिव शरीर का पैतृक गांव आने में हो रही देरी से शहीद के परिजनों का इंतजार और लंबा होते जा रहा है। सोमवार मंगलवार की रात कुंदन कुमार ओझा गलवान घाटी में शहीद हुए थे। सरकारी प्रक्रिया के कारण गुरुवार की देर शाम तक पटना ही शहीद का पार्थिव शरीर पहुंच पाया था। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार देर शाम दानापुर से पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से साहेबगंज लाया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह तक शहीद कुंदन का पार्थिव शरीर साहेबगंज पहुंच जाएगा।

उपायुक्त बरुन रंजन ने बताया कि गुरुवार शाम को शहीद का शव पटना लाया गया है। दानापुर में बिहार रेजीमेंट की छावनी में श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से साहेबगंज लाया जा रहा है। जिला प्रशासन सेना के अधिकारियों के साथ साथ संपर्क में हैं। रामगढ़ सैनिक छावनी से एवं दानापुर सैनिक छावनी से आर्मी के जवान भी उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए आ रहे हैं।

पहला सम्मान शहीद कुंदन के पैतृक आवास पर दिया जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए मुनीलाल श्मशान घाट साहेबगंज लाया जाएगा, वहां भी उन्हें सैनिक सम्मान दिया जाएगा। इधर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि पंकज मिश्र ने कहा कि सीएम ने कहा  है कि झारखंड के शहीदों को राज्य सरकार दस लाख रुपए देगी। उधर, शहीद के घर पर गुरुवार को भी लोगों का पहुंचना जारी है। प्रखंड प्रशासन की ओर से एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति वहां की गयी है जो वहां की व्यवस्था को देख रहे हैं। सदर एसडीओ पंकज कुमार साव, डीएफओ विकास पालीवाल सहित अन्य पदाधिकारी शहीद कुंदन के घर पर कैंप कर तैयारियों का जायजा खुद ले रहे हैं।



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