• भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष पर बढ़ाया दबाव, पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन, कहा- स्पीकर शीघ्र लें फैसला, नहीं तो लोकतांत्रिक ढंग से शुरू होगा आंदोलन

दैनिक भास्कर

Jun 23, 2020, 09:09 PM IST

रांची. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने मंगलवार को विस अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो से जानना चाहा कि जब भाजपा सदस्य के रूप में बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा में वोट किया, फिर उन्हें नेता प्रतिपक्ष की मान्यता देने में विलंब क्यों हो रहा है? मंगलवार को पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो के कांके रोड स्थित आवास पर उनसे मुलाकात कर इस संदर्भ में ज्ञापन सौंपा।

राज्यसभा चुनाव संपन्न होते ही भाजपा एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष के विषय पर मुखर हो गई है। इस बार वह इसे निर्णायक बिंदु पर पहुंचाना चाहती है। नेताओं ने कहा कि इस विषय पर अब शीघ्र फैसला लिया जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन करेगी। विस अध्यक्ष से मिलने के बाद दीपक प्रकाश ने कहा कि स्पीकर ने शीघ्र निर्णय का आश्वासन दिया है। 

प्रकाश ने कहा कि झाविमो का भाजपा में विधिवत विलय की मान्यता चुनाव आयोग से मिल चुकी है। विगत दिनों संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में भी चुनाव आयोग ने बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक के रूप में मान्यता दी, जिस पर विधानसभा ने भी सहमति जताई। मरांडी ने इसी निर्देश के आलोक में वोट भी किया। इतना ही नहीं, चुनाव आयोग ने दो अन्य विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रकाश ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के संबंध में अब बिलंब किया जाना लोकतंत्र की परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं का घोर अपमान होगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सारी संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी मरांडी को अब तक नेता प्रतिपक्ष नहीं घोषित किया जाना दुर्भाग्यजनक है। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहू, विधायक सीपी सिंह, भानू प्रताप शाही, विरंची नारायण, नवीन जायसवाल शामिल थे। 

6 मार्च को निर्वाचन आयोग ने झाविमो के भाजपा में विलय को मंजूरी दी 
ज्ञापन में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने 6 मार्च 2020 को झाविमो के भाजपा में विलय को मंजूरी दी है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए आयोग ने कहा है कि अब झाविमो का कोई अस्तित्व नहीं है। इस पार्टी का चुनाव चिह्न कंघी जब्त कर लिया गया है। ऐसे में बाबूलाल मरांडी भाजपा के विधायक हैं। आयोग ने प्रदीप यादव गुट के कांग्रेस में विलय को महत्व नहीं देते हुए 18 मार्च को फिर कहा कि झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) का भारतीय जनता पार्टी में विलय हो चुका है। राज्यसभा चुनाव के दौरान वोटिंग लिस्ट को भी आयोग के हस्तक्षेप के बाद सुधार करते हुए बाबूलाल मरांडी को भाजपा का सदस्य जबकि प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को निर्दलीय विधायक दिखाया गया। 

17 फरवरी को भाजपा में शामिल हुए थे बाबूलाल मरांडी 
11 फरवरी को झाविमो की केंद्रीय कार्यसमिति ने भाजपा में विलय का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था। 17 फरवरी को बाबूलाल मरांडी ने झाविमो का भाजपा में विलय कर अमित शाह की उपस्थिति में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। बाबूलाल मरांडी 14 साल बाद भाजपा में शामिल हुए थे।



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