• बालाघाट पहुंचने के बाद बड़ी तादात में मजदूर घर जाने के लिए पैदल ही चल पड़े
  • प्रशासन ने बालाघाट जिले की चारों सीमाओं पर जांच एवं लोगो को क्वॉरेंटाइन करने के केंद्र बनाए
  • महाराष्ट्र से आए करीब 15 हजार मजदूर मप्र में घुसे हैं, इनका चेकअप कराने के बाद इन्हें भेजा रहा है 

दैनिक भास्कर

Mar 30, 2020, 09:02 PM IST

बालाघाट/सिवनी. कोरोना महामारी के संक्रमण का तीसरा चरण शुरू होते ही शासन के टोटल लॉकडाउन के आदेश का असर जिले की सीमा में फंसे दूसरे प्रांत के मजदूरों पर देखने को मिला है। प्रशासन द्वारा पिछले 3 दिन में जांच कर उनके घरों के लिए रवाना किए गए करीब 3500 मजदूरों और छात्रों में से भरी बसों और ट्रालों को सिवनी और अन्य जिलों की सीमाओं में रोक दिया गया। इससे ये मजदूर लौटकर फिर से बालाघाट पहुंच गए। इनमें कुछ मजदूरों को जिला मुख्यालय में अस्थाई क्वॉरेंटाइन सेंटर रोका गया है। वहीं 100 से ज्यादा मजदूर वहां नहीं रुके और वह पैदल ही अपने घरों के लिए रवाना हो गए। 

सोमवार को सुबह सुबह ही सिवनी होते हुए दूसरे प्रांतों के लिए निकली एक बस को सिवनी बार्डर से लौटा दिए गया। इसके बाद 100 से ज्यादा मजदूर पैदल ही नागपुर की सीमा की ओर रवाना हो गए। वहीं प्रशासन द्वारा सिवनी भेजे गये वाहन के चालक से पुलिस द्वारा मारपीट भी की गई। जबकि उसने पुलिस को कलेक्टर बालाघाट का परिवहन का पास भी दिखाया, लेकिन पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। वाहन चालक सिवनी के लोगों को वहीं उतारकर अन्य मजदूरों को जो हैदराबाद जाना चाह रहे थे, उन्हें बालाघाट लेकर आ गया। 

दूसरे राज्यों से आए मजदूरों का जगह-जगह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

पहले जांच करें फिर भोजन भी कराएं : कलेक्टर 
कलेक्टर दीपक आर्य एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने सोमवार को मोवाड़ पहुंचकर वहां पर महाराष्ट्र से आने वाले लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए किए गए उपायों का जायजा लिया। इसके बाद वह खैरलांजी में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण करने भी पहुंचे। उन्होंने मोवाड़ बैरियर पर तैनात सुरक्षाबलों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि वे बगैर जांच के किसी भी व्यक्ति को जिले की सीमा में प्रवेश न करने दें। बैरियर पर महाराष्ट्र से आने वाले लोगों की जांच के बाद उन्हें भोजन भी कराएं। 

स्कूल व पंचायत भवनों में क्वॉरेंटाइन किया है 
कलेक्टर दीपक आर्य ने कहा कि शासन से मिले निर्देशों के बाद अब जिले में टोटल लॉकडाउन का आदेश किया गया है। इस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को जिले में प्रवेश नही देने के निर्देश हैं। इस दौरान जिले की सीमा में पहुंचने वाले मजदूरो को सीमा पर ही स्वास्थ्य परीक्षण कर वही स्थित स्कूल या पंचायत भवन में क्वॉरेंटाइन किया गया है। जहां उनके भोजन और आवास की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है। 



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