• आधा घंटे तक चौकी पर पुलिस के सामने होती रही मारपीट, दोनों तरफ से 10 लोग घायल
  • घटना के बाद मांगलिया चौकी प्रभारी लाइन अटैच, महिलाओं पर भी हमला किया गया

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 09:57 PM IST

इंदौर. मांगलिया के पास टोड़ी गांव में 20 साल से चले आ रहे एक जमीन के केस में बुधवार को अचानक दो पक्ष आमने सामने हो गए। पहले खेत पर एक पक्ष ने दूसरे जमकर पीटा फिर दोनों पक्ष जब चौकी पर पहुंचे तो वहां भी हमला हो गया। आधा घंटे तक चौकी में घुसकर और बाहर मारपीट होती रही। पुलिसकर्मी भी बचाने मे लगे, लेकिन भीड़ ज्यादा होने से दो सिपाही भी जख्मी हो गए। मामले ने जब तूल पकड़ा तो अफसरों ने चौकी प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया। दोनों ही पक्ष भाजपा से जुड़े हुए हैं। वही बीच बचाव करने आए मंत्री समर्थक सरपंच पर भी हमले का आरोप है।

मांगलिया चौकी पुलिस के अनुसार, विवाद टोड़ी गांव में रहने वाले किसान उमराव सिंह और नंदा नगर में रहने वाले संजय जोशी के बीच बुधवार को हुआ। पुलिस ने दोनों ही पक्षों की तरफ से केस दर्ज किया है। उमराव सिंह के घरवालों ने बताया कि गांव में 18 बीघा जमीन पर उनका और संजय जोशी के बीच 20 साल से विवाद चल रहा है। संजय जोशी के पिता ने यह जमीन उमराव को 5.60 लाख रुपए मे बेची थी। कुछ लेनदेन बाकी था, इसलिए जमीन नामे नहीं हो पाई।

बुधवार को जोशी कुछ लोगों के साथ खेत पर पहुंचे, जिसका उमराव सिंह ने विरोध किया। इस पर जोशी औऱ उनके साथ आए लोगों ने उमराव के परिवार पर अचानक हमलाकर दिया। उन्हें जमकर पीटा और उमराव सिंह की एक बाइक भी जला दी। उनसे बचकर उमराव का परिवार चौकी पर रिपोर्ट दर्ज करवाने पहंचा। तभी संजय जोशी की मदद करने के लिए टोडी गांव का सरपंच दिलीप सिंह, अमन जायसवाल भी आ गया।

दिलीप पर आरोप है कि वह खनन माफिया है और उसी ने जोशी को भेजा था। फिर उन्होंने चौकी पर धावा बोल दिया। वहां रिपोर्ट दर्ज करवा रहे उमराव के परिवार पर हमला बोला और चौकी में से निकालक पीटा। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। उमराव के परिवार से उनका बेटा दारा सिंह, रायसिंह, बहू अन्नू, प्रमीला और मेहरबान सिंह को चोटे आई है। इस मामले में राय सिंह, गुलाब सिंह, जोरावर, अनील और संजय के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। 

उधर, पुलिस ने संजय जोशी की तरफ से भी उमराव सिंह के परिवार वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जोशी के पक्ष से बताया गया है कि उमराव का परिवार 20 साल पहले पूरा रुपया ही दे पाया इसलिए उसका बयाना डूब गया था, लेकिन फिर भी वे इस पर अपना कब्जा जताना चाहते थे। अभी मामला कोर्ट में है। जमीन के कागज औऱ कब्जा संजय के पास ही है। इसलिए वह हरबार की तरह बुधवार को भी बौनी करने आया था। तभी उमराव के परिवार ने विरोध किया और संजय के साथ आए परिवार के लोगों को जमकर पीटा। उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर इतना पीटा कि वे गंभीर जख्मी हो गए। जैसे-तैसे बचते हुए जोशी के पक्ष ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

पुलिस मौके पर पहुंची और घायल जोशी की तरफ से आए रूपसिंह व एक अन्य को देवास में इलाज के लिए भेजा। फिर जोशी का पक्ष चौकी पर रिपोर्ट दर्ज करवाने पहुंचा। तभी पीछे से उमराव सिंह का परिवार आया। उन्होंने चौकी में घुसकर हमला कर दिया। एक दूसरे को जमकर पीटा। यहां भी उमराव का परिवार हमले में भारी पकड़ा।



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