• इस सत्र में प्रवेश हाेने तक ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे

दैनिक भास्कर

Jun 23, 2020, 07:03 AM IST

देवास. आरटीई के तहत 25 प्रतिशत सीटाें पर नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया कब शुरू हाेगी, यह अभी तक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट नहीं किया है। पहली बार स्कूल में प्रवेश दिलवाने वाले पालक प्रवेश प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, क्याेंकि जून में स्कूलाें में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हाे जाती है। 
प्रायवेट स्कूलाें में गरीब बच्चाें के लिए 25 फीसदी सीटें रिजर्व रहती है, जिन्हें हर हाल में खाली छाेड़ना पड़ती है। इन सीटाें पर प्रवेश की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, लेकिन शिक्षा विभाग ने स्कूल संचालकाें काे निर्देश दिए कि वह पाेर्टल पर अपने स्कूलाें में खाली सीटाें का उल्लेख करें। प्रायवेट स्कूलाें काे आगामी 30 जून तक पाेर्टल पर खाली सीटें दर्ज करना है, जिसका सत्यापन बीआरसी के द्वारा किया जा रहा है। 30 जून के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू हाेगी या नहीं इसकी जानकारी नहीं है।
28 फीसदी माेबाइल और 32 प्रतिशत रेडियाे के माध्यम से कर रहे पढ़ाई : डीपीसी राजीव सूर्यवंशी ने बताया जिले में सर्वे करवाया ताे पता लगा 28 फीसदी बच्चे स्मार्ट माेबाइल पर जुड़ रहे और 32 फीसदी रेडियाे से जुड़कर पढ़ रहे हैं। जिनके पास माेबाइल व रेडियाे की व्यवस्था नहीं है, ऐसे बच्चाें काे पढ़ाने के लिए बड़ी कक्षा के छात्राें से घर पर जाकर पढ़ाई करवा रहे हैं। साेमवार से बच्चाें की पढ़ाई दूरदर्शन पर भी शुरू हाे चुकी है, जिन्हें समय पर टीवी चालू कर पढ़ाई के लिए बैठना है। 
उत्कृष्ट स्कूल और माॅडल स्कूल में ऑनलाइन प्रक्रिया जारी  

शासकीय उत्कृष्ट और माॅडल स्कूलाें में प्रवेश की ऑनलाइन प्रक्रिया चालू की है। जिन बच्चाें ने 8वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्रवेश परीक्षा में चयनित हाे गए, उन्हें मैरिट सूची के आधार पर प्रवेश दिए जा रहे हैं। फीस का मापदंड तय नहीं हाे सका है। माॅडल स्कूल प्राचार्य अनिल साेलंकी ने बताया, 9 से 12वीं तक पढ़ाने वाले शिक्षक 1 जुलाई से स्कूल में आना शुरू हाे जाएंगे। शिक्षक ऑनलाइन बच्चाें काे विषयनुसार पढ़ाई करवाएंगे। इस समय विद्यार्थियाें काे ऑडियाे, वीडियाे और लिंक भेजकर पढ़ाई करवा रहे हैं। उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य चंद्रावती जाधव ने बताया, ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, अभी फीस नहीं ली जा रही। डिजीलेप ग्रुपाें पर बच्चाें काे पाठ्य संबंधी सामग्री डाली जा रही है। अन्य शासकीय व प्रायवेट स्कूल के 9-12वीं तक के विद्यार्थियाें के लिए दूरदर्शन पर प्रतिदिन प्राेग्राम भी आ रहे हैं। 

सरकारी और प्राइवेट की ऑनलाइन शिक्षण सामग्री समान
स्कूल बंद हैं। पहली से 12वीं के के बच्चाें काे किस तरीके से पढ़ाई करवाना है, उसकी समाग्री डिजीलेप ग्रुपाें पर डाली जा रही है। 1 से 5वीं तक के बच्चाें काे पढ़ाने के लिए शिक्षकाें काे दबाव नहीं बनाना है, वह पालकाें के माेबाइल पर पाठ्य सामग्री डाल रहे हैं। इसे बच्चे देखे या नहीं इसके लिए बच्चाें पर दबाव नहीं बनाना है, वह स्वेच्छा से सामग्री काे देख सकते हैं। छठी से 12वीं के विद्यार्थियाें काे पढ़ाई के लिए शिक्षकाें ने कक्षा अनुसार ग्रुप बनाकर विद्यार्थी अाैर पालकाें काे जाेड़ रखा है। ग्रुपाें पर पाठ्य सामग्री डालने के बाद शिक्षक प्रतिदिन 5-5 बच्चाें काे फाेन लगाकर पढ़ाई की जानकारी ले रहे हैं। ऑडियाे, वीडियाे और लिंक के माध्मय से बच्चाें काे पढ़ा रहे हैं। लिंक के माध्यम से संबंधित कक्षा के विषयाें की पुस्तकें खुलती हैं, जिस देख आसानी से पढ़ाई कर सकते हैं।



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