• लॉकडाउन के दौरान फैक्ट्रियां बंद रहने के बावजूद बिजली विभाग ने भेज दिया लाखों रुपए का बिल
  • एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्य प्रदेश के अनुसार सरकार तक पहुंचाई बात, लेकिन नहीं हुई सुनवाई

दैनिक भास्कर

May 17, 2020, 02:38 PM IST

इंदौर. एक तरफ केन्द्र सरकार 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज के द्वारा देश के छोटे और मध्यम उद्यमियों को राहत देने का दावा कर रही है, वहीं मप्र के 5 हजार से ज्यादा छोटे और मध्यम उद्योगपति मप्र सरकार की उदासीनता से परेशान हैं। शिवराज सरकार से नाराज इन उद्योगपतियों ने 21 मई को ऑनलाइन धरना देने का निर्णय लिया है।

एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआईएमपी) के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया के अनुसार एआईएमपी के बैनर तले इस धरने का आयोजन किया जा रहा है। एआईएमपी के अनुसार लॉकडाउन के चलते करीब दो माह से फैक्ट्रियां बंद हैं, कोई काम नहीं हो रहा है। इसके बावजूद लाखों रुपए के बिजली के बिल जारी कर दिए गए हैं। काम बंद होने से उद्यमियों की माली हालत पहले ही खराब है, इसके बावजूद उन्होंने मजदूरों और कर्मचारियों को वेतन दिया। कारखानों में पड़ा कच्चा माल भी काफी मात्रा में खराब हो गया है। यदि सरकार मदद नहीं करेगी तो उद्योग चलाना मुश्किल होगा।

एआईएमपी से जुड़े 5 हजार उद्योगपतियों ने बिजली बिल सहित अन्य मुद्दाें पर 21 मई को ऑनलाइन धरना देने का निर्णय लिया है। 1.30 घंटे के इस ऑनलाइन धरने में उद्योगपति हाथों में मांग लिखी तख्तियां लेकर शामिल होंगे। इसके लिए विशेष टेक्निकल टीम बनाई गई है।

150 उद्योगाें को काम करने की छूट

इंदौर जिला प्रशासन ने अभी शहरी सीमा में डेढ़ सौ से अधिक उद्योगों को काम करने की छूट दी है, जो अनिवार्य सेवा, फूड प्रोसेसिंग और एग्रीकल्चर सेक्टर से जुड़ी हैं। इन्हें कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए, श्रमिकों को आवासीय व्यवस्था करने जैसी शर्तों के साथ मंजूरी दी है। ये मंजूरी एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री मप्र (एआईएमपी) से आए आवेदनों की जांच के बाद जारी हुई। एसोसिएशन ने तय किया कि उद्योगपतियों के निगरानी दल जाकर देखेंगे कि कहीं उद्योगों में शर्तों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here