• दाे नए पाॅजिटिव, वासुदेवपुरा की 27 साल की युवती भी संक्रमित
  • अब संख्या 34 हुई, 7 की हाे चुकी माैत, 13 ठीक हाेकर जा चुके हैं घर 
  • वेट लिफ्टिंग में गाेल्ड मेडल मिल चुका है डॉक्टर को

दैनिक भास्कर

May 09, 2020, 10:05 AM IST

देवास. शहर के कुलकर्णी नर्सिंग हाेम के संचालक डाॅक्टर की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है। वे जिले के पहले डाॅक्टर हैं, जाे काेराेना की चपेट में आ गए हैं। 57 वर्षीय डाॅक्टर शहर के कई अस्पतालाें में ऑपरेशन के लिए मरीज काे बेहाेश करने के लिए एनेस्थिसिया देने जाते थे। पिछले 14 दिन में 50 मरीजाें काे उन्हाेंने एनेस्थिसिया दिया है। उनके अलावा वासुदेवपुरा की 27 साल की एक युवती की रिपाेर्ट भी काेराेना पाॅजिटिव आई है। इन दाे काे मिलाकर जिले में अब कुल मरीजाें की संख्या 34 हाे गई है। 7 की माैत हाे चुकी है, 13 ठीक हाे गए हैं। 14 मरीजाें का इलाज चल रहा है। शुक्रवार काे 39 लाेगाें के सैंपल की रिपाेर्ट आई। बाकी 37 की रिपाेर्ट निगेटिव आई हैं। 

तीन दिन से बार-बार बुखार और हल्की सर्दी हाेने पर एनेस्थेटिस्ट ने खुद सैंपल दिया था। अस्पतालाें में काम करना भी बंद कर दिया। शुक्रवार काे 39 लाेगाें की जांच रिपाेर्ट आई, जिसमें वे पाॅजिटिव आए। डाॅक्टर काे पूर्व में वेट लिफ्टिंग में गाेल्ड मेडल मिल चुका है और वे घर में राेजाना एक्सरसाइज भी करते हैं। माना जा रहा है कि उनकी राेग प्रतिराेधक क्षमता अच्छी हाेगी। रिपाेर्ट पाॅजिटिव आने के बाद उन्हें अमलतास हाॅस्पिटल में भर्ती किया है। इधर, वासुदेवपुरा में रहने वाली 27 साल की युवती की तबीयत खराब हाेने पर तीन दिन पहले जिला अस्पताल की ओपीडी में दिखाने गई, उनकी रिपाेर्ट भी पाॅजिटिव आई है। रैपिड रिस्पांस टीम ने युवती और उनकी मां का स्वास्थ्य खराब हाेने पर अमलतास रैफर कर दिया। युवती लाॅकडाउन से पहले इंदाैर में प्रायवेट कंपनी में काम करती थी। दाे भाइयाें का संयुक्त 23 सदस्याें का परिवार एक साथ रहता है और माेहल्ले में ही किराना दुकान संचालित करते हैं। युवती काे ले जाने के बाद पुलिस ने वासुदेवपुरा क्षेत्र काे सील कर लाेगाें का आना-जना बंद कर दिया है। शाम काे फिर रैपिड रिस्पांस टीम वासुदेवपुरा पहुंची और सभी सदस्याें काे क्वारेंटाइन के लिए ले जाया गया। जिले में अब तक कुल 34 पाॅजिटिव मरीज दर्ज हाे चुके हैं, जिसमें से 7 की मृत्यु और 13 अच्छे हाेकर घर जा चुके हैं।

डाॅक्टर की कांटेक्ट हिस्ट्री लंबी, ओटी के स्टाफ और मरीजाें का पता निकाल कर जांच के लिए पहुंचेगी टीम
डाॅक्टर स्वयं के नर्सिंग हाेम सहित 7 अन्य अस्पताल और नर्सिंग हाेम में बतौर एनेस्थेटिस्ट जाते हैं। ऑपरेशन थियेटर से ऑपरेशन खत्म हाेने पर लाैटते हैं। उनके संपर्क में ओटी का स्टाफ रहता है। हालांकि डाॅक्टर सावधानी बरतते हुए गलब्स और चेहरे पर मास्क लगाकर ही रखते और ओटी स्टाफ से दूरी बनाकर रखते थे। उन्हाेंने 14 दिन में 50 से भी अधिक इमरजेंसी मरीजाें काे एनस्थीसिया दिया था। इस तरह से वह मरीज के अलावा स्टाॅफ के संपर्क में आए और स्वयं के नर्सिंग हाेम के स्टाॅफ से भी संपर्क में रहते थे। मरीजाें के भी संपर्क में आए। इस तरह से डाॅक्टर की कांटेक्ट हिस्ट्री काफी लंबी बन रही है। जिला अस्पताल की टीम ने फिलहाल सभी नर्सिंग हाेम के ओटी कर्मचारियाें के सैंपल लेना शुरू कर दिए हैं। इसके बाद संबंधित मरीज का पता निकाल उन तक टीम पहुंचेगी। टीम ने डाॅक्टर की पत्नी जाे खुद डाॅक्टर हैं उनका व दो बच्चों के सैंपल लिए हैं।

डाॅक्टर ने कहा- पता नहीं कहां से संक्रमित हुआ, तबीयत बिगड़ने के बाद नहीं किया इलाज
पता नहीं मैं कहां से संक्रमित हुआ। इमरजेंसी ऑपरेशन के लिए काॅल आने पर पीछे के रास्ते से अपनी कार स्वयं चलाकर अस्पताल तक जाता था। किसी के संपर्क में नहीं आता था। प्रशासन का निर्देश भी था कि आपकाे काम बंद नहीं करना है। मैं इमरजेंसी ऑपरेशन की सूचना आने पर ही जाता था। बुखार और हल्की सर्दी हाेने पर शंका हुई ताे अस्पतालाें में जाना बंद कर दिया था। स्वास्थ्य खराब हाेने पर स्वयं उपचार नहीं करते हुए एक्सपर्ट से बात की ताे उन्हाेंने टेस्ट का बाेला और मैंने सैंपल दे दिए। उसके बाद स्वयं तीन दिन से हाेम आइसाेलेशन में था। मेरे नर्सिंग हाेम में भी किसी कर्मचारी काे भी लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अमलतास में भर्ती हूं और एक दम सही हूं। मुझे और अच्छा महसूस हाेगा, यदि मुझसे जुड़े सभी लाेगाें की रिपाेर्ट निगेटिव आ जाए। मैं अस्पताल से पूर्ण रूप से स्वस्थ हाेकर लाैटा ताे फिर फील्ड में पूरी सावधानी के साथ काम करूंगा।



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