• पोता बोला, रास्ते में नहीं मिल पा रहा था भोजन, रात में सिर्फ बिस्किट और पानी पीकर सो गए थे
  • ट्रक चालक ने जौनपुर जाने के हर व्यक्ति से 3500-3500 रुपए लिए, ट्रक में 40 से ज्यादा लोग थे 

दैनिक भास्कर

May 13, 2020, 05:20 PM IST

इंदौर. जौनपुर के प्रजापत परिवार को पलायन का दर्द अब जिंदगीभर याद रहेगा, क्योंकि 85 साल के बुजुर्ग मुखिया ने घर जाने की चाहत में रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वे जिस ट्रक मैं बैठे थे, उसमे 40 लोग ठस कर बैठे हुए थे। न तो सोशल डिस्टेंसिंग थी और न ही रास्ते में भोजन-पानी की व्यवस्था। फिलहाल पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाया है। 
राऊ पुलिस के अनुसार जौनपुर के जोरावर खान गांव में रहने वाले 85 वर्षीय रामदास पिता रामकिशोर प्रजापति की बुधवार तड़के रास्ते में मौत हो गई। पोते कमलेश ने बताया कि उनके साथ परिवार के पांच लोग मुंबई से निकले थे। वहां पहले तो पुलिस ने डंडे मारे। फिर जैसे-जैसे बाहर निकले। टैक्सी वाले ने काफी किराया लेकर बाहर पहुंचाया। जब हाईवे पर आए तो एक ट्रक मिला। उसने जौनपुर जाने के हर व्यक्ति के हिसाब से 3500 रुपए लिए। ट्रक में 40 से ज्यादा लोग थे। न तो सोशल डिस्टेंसिंग थी और न कोई व्यवस्था। भीड़ के कारण सभी का दम घुट रहा था, लेकिन घर जाने के लिए ये सब तो सहना था। हमारे पास तो भोजन भी नहीं था। सुबह 5 बजे दादा ने पानी से बिस्किट खाया और लेट गए। फिर नहीं उठे। हमें लगा कि उन्हें थोड़ी घबराहट हो रही है, इसलिए वे सो गए हैं। 

ट्रक वाला किराया लेकर भाग गया
8 बजे जब दादा नहीं उठे तो हिलाया। पता चला कि वे मर चुके हैं। तभी बाकी सवारियों ने हंगामा शुर कर दिया। बोले कि वे लाश के साथ सफर नहीं कर सकते हैं। हमें राऊ चौराहे पर उतार दिया गया। ट्रक वाला पूरा किराया लेकर भाग गया। फिर राऊ पुलिस ने भोजन करवाया। शव जिला अस्पताल भेजा गया। 

आइसक्रीम और नारियल पानी बेचता है परिवार
कमलेश के मुताबिक उनका परिवार मुंबई के कांधीवली में रहता है। यहां परिवार के आधे लोग आइस्क्रीम बेचते हैं और आधे नारियल पानी। जैसे-तैसे गुजारा होता है। दादा की चाहत थी कि अब पलायन के बाद वे मुंबई नहीं लौटेंगे।



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