• परिवार के बाद सरकार और विद्रोहियों से संघर्ष करने वाली 32 साल की डॉ. अमानी की कहानी अब दुनिया जानेगी
  • सीरिया में 2011 से 2019 के दौरान 350 अस्पतालों पर 588 हमले हुए, 914 डॉक्टरों और नर्सों की मौत हुई थी

Dainik Bhaskar

Feb 09, 2020, 02:22 AM IST

वॉशिंगटन. सीरिया में गृह युद्ध के दौरान एक महिला डॉक्टर ने मानवता की सेवा में खुद को झोंक दिया। बमबारी और धमकियों के बीच वे अंडरग्राउंड अस्पताल बनाकर बच्चों का इलाज करती रहीं। गिरफ्तारी और मौत का डर भी था, लेकिन इनके हौसलों के आगे सारे डर बौने साबित हुए। अब उन पर बनी फिल्म द केव ऑस्कर के लिए नामित हुई है। परिवार के बाद सरकार और विद्रोहियों से संघर्ष करने वाली 32 साल की डॉ. अमानी की कहानी अब दुनिया जानेगी।

बमबारी और जगह-जगह खून देख दिल दहल जाता था : अमानी

वे बताती हैं- 2011 में अरब में विरोध की शुरुआत हुई, तब मैं मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। मैं भी घरवालों से छिपकर प्रदर्शनों में शामिल होने लगी। क्योंकि 5 भाई-बहनों में सिर्फ मुझे पढ़ने की इजाजत मिली। हालात बेहद खराब थे। दिन भर बमबारी और फाइटर जेट की आवाज। जगह-जगह खून में सने बच्चे या लाशें। दिल दहल जाता था। सोचा इन्हें ऐसे नहीं छोड़ सकती। अंडरग्राउंड अस्पताल शुरू किया। ऊपर बमबारी और गोलियां चलती। मौत कभी भी आ सकती थी, लेकिन कोई परवाह नहीं थी।

अब तुर्की में महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ रहीं
2018 में शहर पर सेना का कब्जा हो गया। अस्पताल बंद करना पड़ा। मैं तुर्की आ गई। अब यहां पर युद्घग्रस्त क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही हूं। कोई महिला यह क्यों नहीं तय कर सकती कि उसे क्या करना है। क्या वह खुद के लिए फैसले भी नहीं ले सकती। वे किसी मामले में पुरुषों से कम नहीं हैं। पहले जो मेरी हंसी उड़ाते थे, उनका रवैया बदल चुका है। उन्होंने अपनी राय बदली है। पहले अमेरिका ने वीसा देने से इनकार कर दिया गया था, क्योंकि मैं सीरिया से हूं। चूंकि मेरे पास निमंत्रण है, तो अब वो तैयार है, और मैं अमेरिका जा रही हूं।

10 साल में 350 अस्पतालों पर 588 हमले

अमानी के मुताबिक शहर पर सेना का कब्जा था। लोगों के आने पर रोक थी। रोते-बिलखते बच्चे दिल दहला देते थे। ऊपर से बमबारी। हम तस्करी कर अपने और बच्चों के लिए खाना और दवाइयां लाते थे। गिरफ्तारी या मौत का डर भी था, लेकिन इसकी कोई परवाह नहीं थी। सीरिया में 2011 से 2019 के दौरान 350 अस्पतालों पर 588 हमले हुए हैं। इनमें 914 डॉक्टरों और नर्सों की मौत हो चुकी है।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here