दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 08:46 AM IST

होशंगाबाद. होशगाबाद| लाॅकडाउन में शहर थमा था लेकिन हुनर नहीं। लाॅकडाउन में संगीत और कला जगत के लाेगाें के जीवन में भी बदलाव अाए हैं। सार्वजनिक मंच छाेड़ कलाकाराें ने साेशल मीडिया का प्लेटफाॅर्म अपनाया।  दरअसल सहित्य और कला जगत से जुड़े लाेगाें काे सृजनात्मक कार्य के लिए एकांत की जरूरत हाेती है। लॉकडाउन में एक सकारात्मक बदलाव भी हुआ- सोशल डिस्टेंस मेंटेन कर कलाकारों ने अपनी प्रतिभा देश भर में दिखाई। लाॅकडाउन में बदली कलाकाराें की जिंदगी पर अाज की खबर –

भजन गायक नमन तिवारी ने बताया नर्मदांचल के कलाकाराें काे एकमंच पर लाने अाैर उनकी अभिव्यक्ति काे लाेगाें तक पहुंचाने के लिए फेसबुक लाइव कार्यक्रम किया। यह अाइडिया लाॅकडाउन में ही अाया। उन्हाेंने बताया नर्मदापुरम कला जगत नाम से फेसबुक पर लाइव प्राेग्राम कराया जा रहा है। इसमें कवियाें काे प्रत्येक दिन 30 से 50 मिनट का समय प्रस्तुतियाें के लिए दिया जा रहा है।

गायिका रागिनी तरडे ने बताया लाॅकडाउन में घर पर ही प्रैक्टिस की। कुछ नई धुनें बनाने अाैर अधिक प्रभावी ढंग सेे प्रैक्टिस करने का अवसर मिला। पहले महीने में दाे से चार कार्यक्रमाें के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता था। अब घर पर ही रहे। इसका उपयाेग अधिक सृजनात्मक तैयारी में किया। ऑनलाइन वीडियाे शेयर किए साेशल मीडिया के माध्यम से लाेगाें से जुड़ने का अवसर मिला। 

किताब और कई रचनाएं लिखीं

साहित्यकार, गीतकार, संगीतकार जया नरगिस ने लाॅकडाउन का पूरा समय सृजन में बिताया। उन्हाेंने साहित्य अाैर अध्यात्म के अंतरसंबंध पर एक किताब लिखी। साथ ही कविताओं और शेर-शायरी की रचना की। उन्हाेंने बताया लाॅकडाउन इंसान के अंदर हाेता है। हमें सीखना चाहिए कि जरूरत से ज्यादा प्रयाेग में लाने वाली चीजाें काे कम करें।  उन्हाेंने एक शेर लिखा- यूं ताे है तन्हाई का अालम इनदिनाें, तुझसे ही नजदीकियां हैं हम इन दिनाें।



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