• हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने  हाथ खड़े किए,अब हेल्थ मंत्री के घर का दरवाजा खटखटाया 

  • इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड स्कीम के तहत 79 कर्मचारी पंचकूला में है

दैनिक भास्कर

May 16, 2020, 02:43 PM IST

पंचकूला. एक तरफ कोविड-19 में काम करने वाले मेडिकल स्टाफ को सम्मान देने के लिए दोगुनी सैलरी जैसी सुविधाएं देने के सरकार दावे की जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंचकूला में वॉरियर्स कोअपनी मंथली सैलरी ना मिलने के कारण मंत्रियों के घरों पर भटकना पड़ रहा है।

सेहत मंत्री के घर पहुंचे

वॉरियर्स डायरेक्टर जनरल हेल्थ ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं तो कभी हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता से भी सैलरी नहीं मिलने की गुहार लगा रहे हैं। जब हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से किसी भी तरह की सुनवाई नहीं हुई तो अब 70 के करीब पंचकूला के हेल्थ कर्मचारी अपनी समस्या को लेकर हरियाणा गृहमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी मिलने जा रहे हैं। 

समय पर सैलरी नहीं मिलती

दरअसल सेक्टर-6 के सिविल हॉस्पिटल में आईपीएचएस स्कीम के तहत साल 2009 में  कर्मचारी लगे  थे| इसके बाद साल 2015 में कभी इनकी सैलरी टाइम पर नहीं आती तो कभी इनकी सैंक्शन को लेकर भी प्रॉब्लम सामने आ रही है| वहीं इन कर्मचारियों ने तंग आकर कोर्ट में भी केस लगाया था, जिस पर कर्मचारियों को कोर्ट की ओर से स्टे मिली हुई है|

70 से ज्यादा कर्मचारियों में लैब टेक्नीशियन स्टाफ नर्स से लेकर ओटीए भी शामिल

पंचकूला में आईपीएचएस यानी इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड स्कीम के तहत 79 के  करीब कर्मचारी काम कर रहे हैं| इनमें स्टाफ नर्स से लेकर लैब टेक्नीशियन, डी.आर.ए, सफाई कर्मचारी, ऑपरेशन थिएटर अटेंडेंट, क्लेरीकल स्टाफ से लेकर अस्पताल का और भी कैटेगरी वर्कर काम कर रहा है| इस स्कीम के तहत इन्हें डीसी रेट पर सैलरी दी जाती है|



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