• मजदूरों को गांव में नहीं घुसने दिया, खेतों में काटनी पड़ रहीं रातें
  • नाव से चंबल पार कर उप्र-राजस्थान से एमपी में आ गए पांच हजार लोग

दैनिक भास्कर

Apr 06, 2020, 04:30 AM IST

भोपाल. एमपी सैटेलाइट डेस्क | प्रदेश में 10 जिलों में कोरोना पहुंच चुका है। इनमें दूसरे राज्यों की सीमाओं से लगे पांच जिले शामिल हैं। महाराष्ट्र सीमा से लगे खंडवा, खरगोन और छिंदवाड़ा तथा उत्तर प्रदेश व राजस्थान सीमा से सटे शिवपुरी और मुरैना जिलों में कोरोना के मरीज मिल चुके हैं। इसी खतरे को देखते हुए पांच राज्यों से जुड़ी मध्यप्रदेश की सीमाएं सील की गईं हैं। लेकिन, मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी के बावजूद कहीं पगडंडी से तो कहीं नदी के रास्ते लोग सरहद पार कर रहे हैं। पढ़िए 5 राज्यों की सीमाओं से ग्राउंड रिपोर्ट

मजदूरों को गांव में नहीं घुसने दिया, खेतों में काटनी पड़ रहीं रातें
टीकमगढ़ व निवाड़ी जिले की 100 किमी सीमा उप्र से लगती है। टीकमगढ़ के बड़ागांव के ढिमोला मोहल्ला में दिल्ली से लौटे मजदूरों को लोगों ने गांव में घुसने से मना कर दिया। ये लोग गांव के बाहर खेत में रुके हैं। इधर उप्र सीमा से लगे भिंड जिले के बरही नाका पर जैन मंदिर में कैंप बनाया गया है। तीन दिन में यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 20 ऐसे लोगों को भेजा, जिनके शरीर का तापमान अधिक था। लेकिन शुक्रवार को यहां तीन लोग ही मौजूद थे। इनके अलावा दो दिन में करीब 1100 लोग उप्र से मप्र में आए, लेकिन इनका कोई रिकार्ड नहीं है। शिवपुरी में झांसी जिले से लोगों का आना-जाना जारी है। आगरा जिले में फंसे कैलारस के 40 मजदूर चंबल नदी को पार कर आए। 

पुल से स्लीपर हटवाए तो नाव के सहारे चंबल पार कर उप्र-राजस्थान से एमपी में आ गए पांच हजार लोग

मुरैना जिले में चंबल के घाटों पर बने पीपे के पुलों से अफसरों ने स्लीपर हटवा दिए हैं ताकि आवाजाही रुक जाए, लेकिन शुक्रवार को कई मजदूर छोटी-छोटी नावों के सहारे नदी पार कर अंबाह पहुंचे। इन्होंने बताया कि उस पार खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं, इसलिए आ गए। चंबल नदी से लगी मप्र-राजस्थान की 100 किमी सीमा पर स्थित पोरसा के नगरा चापक, अंबाह के उसैद, सबलगढ़ रहूगांव व बागचीनी क्षेत्र के देवगढ़ घाट पर करीब 5 हजार लोग नाव के सहारे यूपी-राजस्थान से मुरैना पहुंचे। नीमच जिले के जावद से 10 किलोमीटर दूर केली-हनुमंतिया रोड से ट्रक, बाइक के जरिए आवागमन हो रहा है। राजगढ़ जिले में भी राजस्थान से लगातार लोग आ रहे हैं।

Boundary Seal: People swimming across the river and hiding Coronavirus in India, MP Coronavirus Cases, Virus Cases in MP, COVID-19 Cases, Corona Virus Cases in Bhopal, Coronavirus Update in Madhya Pradesh, coronavirus MP, Coronavirus Outbreak In MP | सीमाएं सील : लोग नदी में तैरकर और छुपकर लांघ रहे सरहद

महाराष्ट्र सीमा: आपदा हॉल से चकमा देकर भागे
बुरहानपुर की 80 किमी सीमा महाराष्ट्र से लगी है। शाहपुर के आगे इच्छापुर देवी ट्रस्ट के हॉल को आपदा प्रबंधन हॉल बनाया है। यहां लोग एक दिन रुकने के बाद दूसरे दिन चकमा देकर पलायन कर रहे हैं। बैतूल जिले की सीमा में अब मजदूर मेन रोड की बजाय कच्चे रास्ते से में आ रहे हैं। 

गुजरात सीमा: एक माह में 44 हजार लोग लौटे
झाबुआ जिले से गुजरात की 70 किमी और राजस्थान की 25 किमी सीमा लगती है। 10 दिन में करीब एक लाख आदिवासी मजदूर गुजरात से आए। आलीराजपुर जिले में 25 हजार लोग गुजरात से आए, जिनमें से 16 हजार जिले के हैं, बाकी बाहर के।

छग सीमा: एक माह में 44 हजार लोग लौटे

बालाघाट जिले की सीमा छत्तीसगढ़ के साथ महाराष्ट्र से भी जुड़ी है। बैहर और लांजी तहसील की सीमा छग से लगी है। दोनों तहसीलों में चार रास्ते हैं। लॉकडाउन के बाद वाहनों की एंट्री बंद है लेकिन सख्ती नहीं है। मेडिकल चेकअप के बाद आने दे रहे हैं। 3 मार्च से 4 अप्रैल तक 44015 लोग लौट चुके हैं। अब ज्यादा सख्ती है।



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