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सीकर20 मिनट पहले

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रास्ते में मिले पर्स को लौटाते निश्चय जीनगर

ईमानदारी अभी भी जिंदा है। शायद यही वजह है कि एक परिवार बाइक पर बाजार से घर लौट रहा था। बच्चों को संभालने के दौरान महिला के हाथ से पर्स निकलकर गिर गया। इसकी जानकारी महिला को घर पहुंचने के बाद लगी। लेकिन दूसरे दिन न सिर्फ उनका पर्स मिला, बल्कि उसमें रखे सभी कीमती सामान भी सुरक्षित मिल गए। रास्ते में जिसको ​पर्स मिला था उसने असली मालिक तक पर्स को पहुंचा दिया।

सीकर में आरटीओ दफ्तर के पास रहने वाले अकील अ​हमद अपनी पत्नी के साथ रात को बाजार से लौट रहे थे। शॉल और बच्चों को संभालने में ध्यान ही नहीं रहा कि कब पर्स हाथ से निकल गया। उन्हें इस बात की जानकारी घर पहुंचने पर लगी। अकील ने अपने नंबरों से पर्स में रखे मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन कोई उठा ही नहीं रहा था। बात 9 जनवरी की रात को 9 बजे के करीब की होगी। लगातार रिंग जाने के बाद सामने से कोई रेस्पांस नहीं मिला। सुबह तक फोन बंद आने लगा। अब उम्मीद छोड़ दी थी कि पर्स फिर मिल पाएगा। घर के कुछ लोग बाजार में बाइक से दौड़ भी लगा आए, लेकिन कुछ नहीं मिला।

10 जनवरी को कोई दोपहर दो बजे का समय होगा, पर्स में रखे मोबाइल से कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि वह भाजपा के एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष निश्चय जीनगर है। एक पर्स रास्ते में मिला है। फोन को चार्ज कर इसमें नंबर पर कॉल किया है। पर्स के मालिक का पता लगने पर निश्चय ने आकर पर्स ले जाने के लिए कहा। दरअसल उस पर्स में पर्स में एक मोबाइल, आधार कार्ड, पेन कार्ड और करीब सात सौ रुपए की नकदी थी।

अकील ने निश्चय की आभार जताया। उसने बताया कि एक बार तो पर्स मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। सबसे बड़ी चिंता तो उसमें रखे कागजातों की थी। पर्स में रखा सभी सामान सुरक्षित रुप से वापिस मिल गया।



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