• दोपहर बाद तक शहर की अधिकांश कॉलोनियों और बस्तियों में न तो सब्जी पहुंची और न ही किराने का सामान ही पहुंच सका है

दैनिक भास्कर

Apr 11, 2020, 02:59 PM IST

भोपाल. 18 दिन से लोग घरों में कैद है, बीते एक सप्ताह से टोटल लॉक डाउन के चलते किराना दुकान तक बंद हैं। घरों में किराने का सामान खत्म होने से लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। जिला प्रशासन द्वारा घर-घर सब्जी और किराने का सामान घर पहुंचाने का शुक्रवार को किया गया दावा शनिवार को एक बार फिऱ असफल साबित हुआ है। दोपहर बाद तक शहर की अधिकांश कॉलोनियों और बस्तियों में न तो सब्जी पहुंची और न ही किराने का सामान ही पहुंच सका है। 

जिला प्रशासन ने दावा किया था कि शनिवार से सब्जी और किराने की दिक्कत शहरवासियों को नहीं होगी। इसके लिए शुक्रवार को किराना दुकानदारों को पास जारी किए गए थे। शनिवार को किराना दुकानदारों को घरों तक सामान पहुंचना था। लेकिन पता चला है कि दुकानदारों के मोबाइल नंबर कॉलोनी और अन्य लोगों के पास नहीं हैं। ऐसे में लोग सामान की सूची भी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। ये भी बताया जा रहा है कि हर दुकान पर एक यो दो कर्मचारी ही दुकानदार रखता है। उसमें भी कई दुकानों पर काम करने वाले दूर-दराज के इलाकों से आते हैं। वे भी लॉक डाउन के चलते दुकानों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। 

जिला प्रशासन द्वारा घर-घर सब्जी पहुंचाने की योजना एक बार फिर असफल हो गई है।

इससे पहले भी प्रशासन द्वारा चार बार जारी किए गए फोन नंबरों पर जब शहरवासी फोन लगाते थे तो कोई रिसीव ही नहीं करता था। बड़े स्टोर्स पर 1500 रुपए से ज्यादा सामान की खरीदी पर ही होम डिलीवरी की व्यवस्था थी। इससे लोगों को अतिरिक्त सामान बेवजह बुलाना पड़ रहा था। शनिवार को लोगों को पता चला कि आज से उन्हें राशन के सामान पर घर पर उपलब्ध कराया जाएगा लेकिन प्रशासन की घर तक सामान पहुंचाने की व्यवस्था एक बार फिर असफल हो गई। 

जहां सब्जी पहुंची वहां लगी लोगों की भीड़

बताया जा रहा है कि शनिवार को पुराने शहर के कुछ स्थानों पर सब्जी पहुंची है। यहां लोगों की भीड़ लग गई। लोग बिना सोशल डिस्टेंसिंग के सब्जी खरीदते नजर आए। इस दौरान कई लोग मास्क भी नहीं लगाए थे। ऐसे में संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ रहा है। कई स्थानों पर लोग फोन लगाकर सब्जी आने की जानकारी लेते रहे पर सब्जी नहीं आई।

शहर के कुछ इलाकों सब्जी पहुंची जरुर लेकिन लोगों को आलू-प्याज के अलावा कुछ नहीं मिला वो आलू 40 और प्याज 30 रुपए प्रति किलो।

मंडीदीप में तीन दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर

रायसेन जिले के मंडीदीप में तीन दुकानदारों पर लॉकडाउन के उल्लंघन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। लॉकडाउन के दौरान जारी निर्देशों तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के लिए मंडीदीप में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति तथा क्रय विक्रय के लिए दुकान खोलने तथा बंद करने का समय निर्धारित किया गया है। लॉकडाउन के तहत जारी निर्देशों के तहत निर्धारित समय समाप्त होने पर तुरंत दुकान बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। मंडीदीप में निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी दुकान बंद नही करने वाले तीन दूकानदारों खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। प्रशासन लगातार लोगों से लाॅकडाउन का पालन सुनिश्चित कराने की लगातार अपील कर रहा है, फिर भी यदि कोई उल्लंघन करता है तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पीडीएस की दुकानें रविवार से खोलने का दावा

कोरोना वायरस के कारण शहर लॉक डाउन है। वहीं जिला प्रशासन राशन की होम डिलिवरी कराने में बुरी तरह से नाकाम साबित हुआ है। ऐसे में लोग विरोध दर्ज कराने सड़क पर उतरने लगे हैं। यह विरोध और आगे बढ़े इसलिए प्रशासन ने अपना आदेश पलटा है। अब प्रशासन ने 3 अप्रैल से बन्द की गई राशन की दुकानों को लॉक डाउन के दौरान भी खोलने का निर्णय लिया था। खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी कर राशन पहुंचाने की तैयारी शुरु की थी, लेकिन अब तक कोई प्लॉनिंग नहीं बन पाई। यह पीडीएस की दुकानें रविवार से खोली जाएंगी। इसके लिए दुकानों के बाहर बैरिकेडिंग कराई जा रही है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। खाद्य विभाग ने मार्च माह में इन परिवारों को मार्च, अप्रैल और मई माह का राशन मुहैया कराया है। हालांकि कई ऐसे परिवार हैं, जो अब तक राशन नहीं ले पाएं हैं, जिसको देखते हुए खाद्य विभाग इन दुकानों को दोबारा से खोलने की तैयारी कर रहा है। यहां से अब गेहूं, चावल और आटा बांटा जाएगा।



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