• किल्लत को कम करने के लिए निगम ने सांची पॉर्लरों में किराना और राशन का सामान रखा, यहीं होम डिलेवरी कराई जाएगी
  • लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर भोपाल पुलिस ने 24 घंटे में 57 लोगों पर केस दर्ज किए, इसके बाद भी रोक नहीं लग पा रही

दैनिक भास्कर

Apr 10, 2020, 03:24 PM IST

भोपाल. लॉकडाउन के 17वें दिन शुक्रवार सुबह भोपाल में कोरोना के 10 नए केस सामने आए। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या 109 हो गई है। शहर के 80 से ज्यादा इलाकों को सील किया गया है। इससे पहले गुरुवार को गांधी मेडिकल कॉलेज की दो जूनियर डॉक्टर कोरोना से पॉजीटिव पाई गईं। दोनों पॉजीटिव जूनियर डॉक्टर पीएसएम और स्त्री रोग विभाग में कार्यरत हैं। इसके बाद जीएमसी के प्रभारी डीन डॉ. एके श्रीवास्तव ने सभी एचओडी की इमरजेंसी मीटिंग कॉल की है। भोपाल में दो कोरोना संक्रमित ठीक हो चुके हैं। जबकि एक की मौत हो गई।

संक्रमण के खतरे को देखते हुए भोपाल में 14 अप्रैल तक टोटल लॉकडाउन कर दिया गया है। इस दौरान राशन की परेशानी न आए, इसके लिए जिला प्रशासन ने सांची पॉर्लरों पर किराना रखना और वहां से सप्लाई की व्यवस्था शुरू कर दी है। वहीं, नगर निगम की कचरा गाड़ियों के माध्यम से भी लोगों से उन्हें राशन की जरूरत और घर का पता मांगा जा रहा है, जिससे अगले दिन उन्हें राशन की होम डिलेवरी की जा सके। इधर, लगातार 5 दिन के बाद संक्रमितों की संख्या में कमी आई है। 7 अप्रैल को जहां कोरोना संक्रमण के 23 नए मामले आए थे, वहीं 8 अप्रैल को 12 और 9 अप्रैल को ये घटकर 4 पर पहुंच गई। 

भोपाल में सबसे ज्यादा संक्रमित होने वालों में स्वास्थ्य कर्मी और पुलिसवाले हैं। इसलिए यहां के थानों को भी सैनिटाइज किया जा रहा है।

लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 24 घंटे में 57 केस 

भोपाल पुलिस ने 24 घंटे में लॉकडाउन उल्लंघन करने वालों पर 57 केस दर्ज किए हैं। यहां पर 22 मार्च से अब तक लॉकडाउन उल्लंघन के कुल 810 मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में प्रमुख रूप से बेवजह रोड पर पैदल और वाहनों से घूमना, किराना और मीट की दुकान खोलकर शासकीय आदेशों का उल्लंघन करना है, इसमें हाथ-ठेला पर सब्जी बेचकर आदेशों का उल्लंघन करना भी शामिल है।

राशन की किल्लत के बीच हाथ ठेला वाले भोपाल की काॅलोनियों में सब्जी बेचने जा रहे हैं। 

टोटल लॉकडाउन से बढ़ी दिक्कतें, घरों में राशन की किल्लत 
सरकार ने गुरुवार को देर रात 14 मार्च तक पूरे प्रदेश में टोटल लॉकडाउन का आदेश जारी कर दिया। पहले से चले आ रहे लॉकडाउन से ही लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में जरुरी सामान खत्म हो गया है। बीते एक सप्ताह से दुकानें नहीं खुलने से लोग सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। सरकार जो व्यवस्था करने के दावे कर रही है वो पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। लोग परेशान हैं, दूध सप्लाई बंद होने से बच्चों के पीने तक को दूध नहीं मिल पा रहा है। सबसे ज्यादा स्थिति ग्रामीण इलाकों की खराब है। जानकारी के अनुसार कई इलाकों में 15 दिन से किराने के सामान की सप्लाई नहीं हुई है। थोक की दुकानों पर भी सामान खत्म हो गया है। 

यह रहेगी छूट

  • कोई भी व्यक्ति अपने घर के नजदीक स्थित दूध पार्लर या डेयरी से दूध लेने पैदल जा सकेगा। 
  • मेडिकल स्टोर पर भी दवाई लेने के लिए अकेले पैदल जाने की अनुमति रहेगी।
  • मेडिकल इमरजेंसी में एक व्यक्ति साथ जा सकता है।
  • सांची पार्लर से फूड पैकेट और किराना सामान मिलेगा
  • मोहल्ले की किराना दुकान संचालक होम डिलीवरी की अनुमति ले सकता है।
  • बड़े स्टोर्स और ऑनलाइन फूड डिलीवरी जारी रहेगी।
  • समाचार पत्र बांटने वाले हॉकर्स को सुबह 6 से 9 बजे तक अनुमति रहेगी।

बैंक अब सुबह 10 से शाम 4 बजे तक खुलेंगे
लाॅकडाउन में बैंक काेरेस्पांडेंट अब सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक 12 घंटे सेवाएं देंगे। इसके साथ ही बैंक खुलने का समय भी सभी जिलों में सुबह 10 से शाम 4 बजे तक रहेगा। बैंकों की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक गुरुवार को मंत्रालय में हुई। इसमें बैंक अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। 

नगर निगम बसों के जरिए राशन की सांची पॉर्लरों में सप्लाई कर रहा है। 

अब तीन श्रेणियों में होगा कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज 
भोपाल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अब तीन लक्षणों के आधार पर श्रेणियों में बांटकर इलाज किया जाएगा। इसके लिए अस्पतालों में आईसीयू, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन
सप्लाई, लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली डेडिकेटेड एंबुलेंस जैसी तमाम जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी सभी इन मरीजों को एक ही अस्पताल में रखकर इलाज किया जा
रहा है। फिर चाहे उसमें कोरोना के लक्षण नजर आ रहे हों या फिर नहीं। सिर्फ सैंपल जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस वाले लोगों को कोरोना से बचाव के साधन मास्क बांट रहे हैं और उन्हें डिस्टेंसिंग के बारे में भी बता रहे हैं। 

मरीजों और अस्पतालों की 3 श्रेणियां  

  • पहली श्रेणी – इसमें वे व्यक्ति हैं जिनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव तो आया है, लेकिन वे स्वस्थ हैं और सामान्य नजर आ रहे हैं। इन अस्पतालों में चिह्नित कोविड केयर सेंटर आएंगे। आपदा प्रबंधन संस्थान के रेस्ट हाउस में भी 24 बेड उपलब्ध हैं। 
  • दूसरी श्रेणी – इसमें वे व्यक्ति आएंगे जिनका टेस्ट पॉजिटिव आने के साथ ही सर्दी, खांसी समेत संक्रमण के मध्यम लक्षण हैं। इन अस्पतालों में चिह्नित कोविड स्वास्थ्य केंद्र आएंगे जिनमें ऑक्सीजन सप्लाई और लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली डेडिकेटेड एंबुलेंस है। इस श्रेणी के अस्पतालों में शामिल एम्स में 70 बेड, जीएमसी में 60 बेड, चिरायु मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 500 बेड, बीएमएचआरसी में 40 बेड की सुविधा रहेगी। 
  • तीसरी श्रेणी – इसमें वे व्यक्ति आएंगे जिनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई हैं और हालत गंभीर है। इन अस्पतालों में आईसीयू, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सप्लाई, डेडीकेटेड एंबुलेंस विद लाइफ सपोर्ट सिस्टम और शव वाहन की व्यवस्था रहेगी। इस श्रेणी के अस्पतालों में शामिल एम्स, जीएमसी, चिरायु व बंसल हैं।

मप्र में 449 कोरोना संक्रमित
मध्य प्रदेश में 449 कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इनमें एक पॉजिटिव यूपी के कौशांबी का रहने वाला है। इसके अलावा, इंदौर 235, भोपाल 109, उज्जैन 15, मुरैना-विदिशा में 13-13, खरगोन, बड़वानी में 12-12, जबलपुर 9, ग्वालियर, होशंगाबाद में 6-6, खंडवा 5, छिंदवाड़ा 4, देवास 3, शिवपुरी 2, धार, बैतूल, श्योपुर, रायसेन में एक-एक संक्रमित मिला। अब तक इंदौर में 23, उज्जैन में 5, खरगोन 2, भोपाल, छिंदवाड़ा, देवास में एक-एक की मौत हो गई। इसमें इंदौर 17, जबलपुर 3, भोपाल-ग्वालियर 2, शिवपुरी में एक मरीज स्वस्थ्य होने पर घर भेज दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार रात जारी किए गए बुलेटिन के अनुसार विदिशा में 2 मरीज पाए। देर रात यहां 10 और सुबह एक संक्रमित की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यहां अब 13 केस हो गए। जबकि छिंदवाड़ा में कोरोना से मरने वाले युवक के पिता के बाद बहन-बहनोई भी संक्रमित हुए हैं। इसकी पुष्टि छिंदवाड़ा के सीएमओ ने की।



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