• गंदगी की शिकायतों के निपटारे में पूरे 100 प्रतिशत नंबर भी लोगों के फीडबैक के आधार पर मिलेंगे

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 08:55 AM IST

भोपाल. स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 की स्टार रेटिंग में प्लास्टिक उपयोग पर रोक की स्थिति के पूरे 100 प्रतिशत नंबर नागरिकों के फीडबैक पर मिलेंगे। वहीं गंदगी की शिकायतों के निपटारे में पूरे 100 प्रतिशत नंबर भी लोगों के फीडबैक के आधार पर मिलेंगे। इसका अर्थ यह हुआ कि प्लास्टिक पर रोक दिखाने के लिए नगर निगम द्वारा की जाने वाली कार्रवाइयों का रिकाॅर्ड अब स्वच्छ सर्वे में नंबर नहीं दिला सकेगा। बल्कि आम नागरिकों के फीडबैक पर ही माना जाएगा कि शहर में प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगी है या नहीं। यही स्थिति गंदगी से संबंधित शिकायतों के निपटारे की है।  केंद्र सरकार ने अगले साल की स्टार रेटिंग के पैरामीटर जारी कर दिए हैं। 

नए पैरामीटर्स के अनुसार पेनाल्टी, स्पॉट फाइन और स्वच्छता कर वसूली  के भी पूरे नंबर लोगों के फी़डबैक पर ही मिलेंगे। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के 80% नंबर अब नागरिकों के फीडबैक पर मिलेंगे। स्टार रेटिंग के सर्वे के लिए केंद्र से आने वाली टीम डोर टू डोर कलेक्शन पर 20%नंबर देगी। लेकिन कचरा खंती की स्थिति, नालों और तालाब व अन्य जलस्रोतों की सफाई पर नागरिकों का फीडबैक नहीं लिया जाएगा।

सैनेटरी नेपकिंस और डायपर्स की प्रोसेसिंग जरूरी
घरेलू खतरनाक कचरे के रूप में सैनेटरी नेपकिंस और डायपर्स व अन्य मेडिकल वेस्ट अलग से कलेक्ट होता है। इसके लिए कचरा गाड़ियों में पीछे की तरफ एक काला डिब्बा लगा हुआ है। अभी तक शहर सूखे और गीले कचरे की प्रोसेसिंग की व्यवस्था तो करते हैं लेकिन इस कचरे की प्रोसेसिंग पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नए मापदंडों में फाइव और सेवन स्टार रेटिंग के लिए इसे क्वालिफाइंग शर्त के रूप में जोड़ दिया है। 

सिटीजन फीडबैक में कैटेगरी बनाईं
एक बड़ा बदलाव शहर के स्तर पर  सिटीजन फीडबैक में किया गया है। पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को इनमें से 6 कैटेगरी का चयन करना होगा।
14 वर्ष से अधिक उम्र के स्कूली छात्र 
 सरकारी अधिकारी, सेल्फ हैल्प ग्रुप, सिविल सोसायटी, सामाजिक संगठन, एनजीओ {रेसीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन

  •  व्यापारी संगठन
  •  अस्पताल 
  • निजी क्षेत्र के कार्यालय
  • शहर के प्रमुख नागरिक 

वार्ड स्तर पर इस तरह से लिया जाएगा सिटीजन फीडबैक 

  •  कुल मकानों का आधा प्रतिशत
  •  शहर के एक प्रतिशत दुकानदार
  •  10 प्रतिशत एजुकेशन इंस्टीट्यूट
  •  5 प्रतिशत होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस
  •  5 प्रतिशत रेस्टोरेंट, ढाबा
  •  5 प्रतिशत बल्क वेस्ट जनरेटर
  •  1 प्रतिशत सरकारी या निजी ऑफिस
  •  10 प्रतिशत टूरिस्ट एरिया
  •  सभी पार्क में पांच नागरिक
  •  सभी ट्रांसपोर्ट हब पर पांच नागरिक 

यह भी जरूरी 

  • सेवन स्टार के लिए – वाटर प्लस 
  • फाइव स्टार के लिए ओडीएफ डबल प्लस
  • अब 1,3,5 और 7 सभी स्टार रेटिंग के लिए थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन होगा।  

इस साल की गलतियों से लेना होगा सबक

पिछले स्वच्छ सर्वे में भोपाल ने सेवन स्टार क्लेम किया था, लेकिन हाल ही में जारी हुए रिजल्ट में भोपाल को थ्री स्टार ही मिला। बदले हुए पैरामीटर्स में भोपाल को अपनी तैयारियों पर और जोर देना पड़ेगा। क्योंकि शहर को इस बार फाइव स्टार रेटिंग नहीं मिलने में दो प्रमुख कारण थे। भानपुर खंती और आदमपुर छावनी दोनों की प्रोसेसिंग में उम्मीद से कम अंक मिले और दूसरा स्पॉट फाइन की व्यवस्था को टीम ने खरा नहीं पाया।



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