• राजधानी में संक्रमितों की संख्या 2287 हुई, अब तक संक्रमण से 73 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है
  • मानवाधिकार आयोग का दफ्तर तीन दिन के लिए बंद किया गया, वहां के बाबू का बेटा संक्रमित मिला था

दैनिक भास्कर

Jun 16, 2020, 02:26 PM IST

भोपाल. कोरोना संक्रमण के 47 नए मामले मिले। इसमें भिंड से भोपाल ड्यूटी के लिए बुलाए गए 17वीं बटालियन विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के 7 जवान कोरोना पॉजिटिव आए हैं। ये सभी जवान भोपाल के एक गेस्ट हाउस में रुके हैं। इसके साथ ही बंगरसिया के सीआरपीएफ कैंपस में आज फिर मिला एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला। वहीं भोपाल में 25वीं बटालियन का भी एक जवान कोरोना पॉजिटिव मिला है। यहां 4 जून को एक जवान कोरोना संक्रमित आया था। 

वहीं मिसरोद ग्रामीण सेंट्रल बैंक का एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आया है। वहीं एंबुलेंस 108 में तीन दिन बाद फिर से एक कर्मचारी संक्रमित पाया गया है। रातीबड़ में श्रमोदय स्कूल में बनाए गए क़्वारैंटाइन सेंटर से भी मिले 6 लोग पॉजिटिव मिले हैं। ये सभी जयभीम नगर और प्रियदर्शिनी नगर के निवासी हैं। यहां करीब 50 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। 

47 नए मरीज मिले, 73 की मौत हो चुकी 
भोपाल में मंगलवार को कोरोना के 47 नए मामले सामने आए। इससे महामारी से संक्रमितों की संख्या 2287 हो गई है। वहीं 73 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि आज सुबह 47 नए प्रकरण सामने आए। इन्हें मिलाकर संक्रमितों की संख्या 2287 हो गई है। इसके अलावा 1564 व्यक्ति स्वस्थ होकर जा चुके हैं। अब 461 संक्रमितों का इलाज अस्पताल में, 51 का होम आइसोलेशन में और 134 का संस्थागत क्वारेंटाइन सेंटर में इलाज चल रहा है। 

तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया मानवाधिकार आयोग का दफ्तर 
मानवाधिकार आयोग मध्य प्रदेश को कोरोना संक्रमण की संभावना को देखते हुए सोमवार को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है। यहां पर आयोग के सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी का बेटा कोरोना पॉजिटिव मिला था। आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों के साथ सभी कर्मचारियों को क्वारेंटाइन होने के आदेश जारी किए गए है। यह कर्मचारी कंटेनमेंट इलाके में रहता था। इधर, भोपाल में सोमवार को 52 नए मरीज मिले, जिसमें सी-पैट का एक कर्मचारी शामिल है।

भोपाल में यात्री बसें 50% क्षमता के साथ शुरू करने की कवायद 
भोपाल, में मंगलवार से यात्री बसों के संचालन का आदेश जारी कर दिया है, जिसमें राज्य के भीतर 50% यात्री क्षमता के साथ बसों का संचालन किया जाएगा। यह व्यवस्था 30 जून तक के लिए की गई है। इसके साथ ही इंदौर और उज्जैन में भी यही व्यवस्था की गई है। इसके बाद आगे के लिए जिलों के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ चर्चा के बाद राज्य सरकार निर्णय लेगी। बस ऑपरेटरों ने सरकार को स्प्ष्ट कर दिया है कि आधी क्षमता के साथ बसे चलाने से उन्हें नुकसान होगा। पहले नुकसान की भरपाई हो, उसके बाद ही बसें चलाएंगे। फिलहाल सरकार इस पर अंतिम निर्णय लेगी।



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