• राज्य में अब तक संक्रमित मिले 1914 में से 33 लोगों की मौत हो चुकी है, 200 ठीक भी हुए
  • जालंधर स्टेशन से बुधवार सुबह 10 बजे सीतापुर के लिए ट्रेन रवाना हुई, रात 11 बजे तक चार और ट्रेन जाएंगी
  • पटियाला में नांदेड़ से श्रद्धालुओं को लाने वाले 77 बस ड्राइवरों-कंडक्टरों ने क्वारैंटाइन सेंटर से बाहर आकर किया हंगामा

दैनिक भास्कर

May 13, 2020, 07:14 PM IST

जालंधर. पंजाब में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। राज्य में अब तक संक्रमित मिले 1914 में से 33 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि 200 ठीक भी हुए हैं। कुछ जगह को छोड़कर बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो रहा है। साथ ही बाजार पर छूट का असर दिखने लगा है। स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को 44 करोड़ का ऑर्डर मिलने की बात कही जा रही है, जिसे पूरा करने के लिए किसी उद्योग में 30 प्रतिशत तो किसी में थोड़ा ज्यादा लेबर के साथ काम हो रहा है।

वहीं, राज्य में प्रवासी श्रमिकों को भेजे जाने का क्रम भी जारी है। यह अलग बात है कि केंद्र सरकार के सहयोग से चल रहे अभियान को कांग्रेस सिर्फ अपने खाते में जोड़ने में लगी है। पिछले तीन दिन से कई विधायक और दूसरे कार्यकर्ता स्टेशनों पर पर्चे बांट रहे हैं, वहीं अब चौक-चौराहों पर कैप्टन अमरिंदर और सोनिया गांधी के खर्च से श्रमिकों को भेजे जाने की बात की तरफ इशारा करते होर्डिंग भी देखे जा सकते हैं।

लुधियाना में सड़कों पर उतरे श्रमिक, बिहार के पूर्णिया जिले के लिए ट्रेन की मांग
लुधियाना में बुधवार को बिहार के पूर्णिया के लिए ट्रेन की मांग को लेकर श्रमिकों ने जमा होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। श्रमिक पहले ट्रेन की मांग करते हुए जगरांव पुल पर जमा हो गए। मजदूरों का आरोप बिहार के पूर्णिया के लिए ट्रेन नहीं मिल रही है।

जालंधर में रेलवे स्टेशन पर छोड़े जाने से पहले स्क्रीनिंग व दूसरी औपचारिकताओं के लिए बुलाए गए श्रमिक।

जालंधर से आज 5 ट्रेनों के जरिये 5200 श्रमिकों को गृहराज्य भेजा जाएगाजालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से बुधवार को 5 श्रमिक ट्रेनों के जरिए 5200 से यात्रियों को अपने गृहराज्य भेजा जाएगा। सुबह 10 बजे सीतापुर के लिए ट्रेन रवाना हो चुकी है। इसके बाद दोपहर 2 बजे रायबरेली, शाम 5 बजे विजयवाड़ा, शाम साढ़े 7 बजे गया और रात 11 बजे प्रतापगढ़ के लिए ट्रेन रवाना होगी। इनमें गया को चलने वाली ट्रेन में 1600 श्रमिकों को ले जाया जाएगा, जबकि बाकी तीन ट्रेनों में 1200-1200 श्रमिक ही होंगे। ट्रेनों का संचालन करने के लिए रेलवे की तरफ से पूरी तैयारी कर ली गई है और उसी हिसाब से स्टाफ की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी है।

अमृतसर की एक थोक मार्केट में खुली दुकान और सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराने के लिए तैनात पुलिस।

अमृतसर में प्रमुख थोक बाजारों के ताले खुले, सोशल डिस्टेंसिंग का हो रहा पालन
अमृतसर में दो दिन से प्रमुख थोक बाजारों के ताले खुल गए। आईडीएच मार्केट, गुरुनानक मार्केट के अलावा लॉरेंस रोड, मॉल रोड बाजार में ज्यादा दुकानें ऑफिशियल वर्किंग के लिए ही खुली। कुछ एक दुकानों पर ग्राहक आए तो उन्हें भी भुगता दिया गया। सोशल डिस्टेंसिंग का दुकानदारों ने खुद ही ख्याल रखा। जहां कहीं कुछ भीड़ हुई भी तो दुकानदारों ने खुद ही नियमों का पालन करते हुए लोगों को दूर-दूर खड़ा कर दिया।

जालंधर के फगवाड़ा गेट स्थित मार्केट में पहुंची पुलिस। आज यहां दूसरे दिन कूलर-एसी व दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानें खुली, पर मंगलवार की तरह भीड़ नहीं जुटे, इसके लिए दुकानों के बाहर गोले लगाए गए। 

जालंधर के फगवाड़ा गेट मार्केट में शारीरिक दूरी के लिए दुकानदारों ने बनाए गोले 
जालंधर में जिला प्रशासन के की इजाजत के बाद बुधवार को ओड-ईवन‌ योजना के तहत फगवाड़ा गेट की दुकानें खोल दी गई। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए गोले बनाए। इसके साथ ही मिलाप चौक से भगत सिंह चौक की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को सेंट्रल टाउन की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। एसी, कुलर और पंखों की दुकानें खोलने की इजाजत मिलने के पहले दिन मंगलवार को फगवाड़ा गेट के दुकानदार और प्रशासन के बीच तालमेल के अभाव के चलते इलाके की दुकानदार कारोबार नहीं कर सके थे। बुधवार को सभी दुकानों के बाहर गोले लगवाए और योजना को प्रभावी ढंग से लागू करवाया

लुधियाना में एक थाने के बाहर लगे गोले, जो शिकायकर्ताओं के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए लगाए गए हैं। अब अंदर सिर्फ एक ही आदमी जा सकेगा।

लुधियाना के थानों में सिर्फ शिकायतकर्ता को ही थाने में मिलेगी एंट्री
लुधियाना में पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल के आदेशों के बाद अब थाने के अंदर और बाहर भी फिजिकल डिस्टेंस का ध्यान रखना शुरू कर दिया गया है। सिर्फ शिकायतकर्ता को ही थाने में आने दिया जाएगा। पुलिस ने थानों के बाहर भी फिजिकल डिस्टेंस को लेकर गोले लगा दिए हैं। जब शिकायतकर्ता आएगा तो सबसे पहले वह फिजिकल डिस्टेंस बनाकर रखेगा। अंदर भी उसके साथ आए और किसी को भी अंदर आने की इजाजत नहीं होगी। सामान्य दिनों में अगर किसी भी मोहल्ले या इलाके में मामूली झगड़ा भी हो जाता था तो शिकायतकर्ता के साथ उसके इलाकावासी, साथी और रिश्तेदार इकट्ठा होकर थाने पहुंच जाते थे। साथ ही व्यवस्था की गई है कि लोग पुलिस की मेल पर भी शिकायत कर सकते हैं।

पठानकोट में छत्तीसगढ़ के मजदूर लोग बसों की तरफ बढ़ते हुए, जिन्हें अमृतसर रेलवे स्टेशन पर छोड़ा गया।

पठानकोट से छत्तीसगढ़ के 1305 मजदूरों को रोडवेज की बसों से अमृतसर पहुंचाया
पठानकोट जिला प्रशासन ने पहले दिन 1305 श्रमिकों को रोडवेज की बसों से अमृतसर भेजा। अमृतसर से चंपा (छत्तीसगढ़) के लिए स्पेशल ट्रेन से गंतव्य की ओर रवाना किया। श्रमिकों को पठानकोट बाईपास रोड तथा सरना स्थित डेरा स्वामी राधा स्वामी ब्यास में रखा गया था। पहले सभी को भोजन करवाया गया और इसके बाद मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी में सभी की स्क्रीनिंग करवाई गई। श्रमिकों को भेजने के काम की एडीसी अभिजीत कपलिश ने खुद कमान संभाली हुई थी। अमृतसर से ये लोग ट्रेन में बैठकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए।

फरीदकोट से अपने घर को जाने के लिए बस में चढ़ते उत्तराखंड के लोग।

फरीदकोट से 109 लोग उत्तराखंड भेजे गए, सुबह 4 बजे रवाना हुई बसें
फरीदकोट जिले के विभिन्न हिस्सों से 109 उत्तराखंड राज्य से संबंधित लोगों को उत्तराखंड भेजा गया। डीसी कुमार सौरभ राज ने सुबह 4 बसों में हरिद्वार (उत्तराखंड) के 109 व्यक्तियों को भेजा, जहां से वो अपने-अपने गांवों और कस्बों की यात्रा करेंगे। डीसी ने कहा कि इन श्रमिकों ने पंजाब सरकार की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराया था और संबंधित एसडीएम कार्यालय में इसके लिए आवेदन किया था। थर्मल स्क्रीनिंग के अलावा, स्वास्थ्य जांच की गई और इन सभी 109 लोगों को चिकित्सकीय रूप से फिट पाया गया।

पटियाला के गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में स्थापित क्वारैंटाइन सेंटर में हंगामे पर उतरे नांदेड़ से श्रद्धालुओं को लाने वाले बस ड्राइवर और कंडक्टर।

पटियाला में क्वारैंटाइन सेंटर से बाहर आए 77 ड्राइवर-कंडक्टरों ने किया हंगामा
महाराष्ट्र के नांदेड़ से श्रद्धालुओं को लेकर लौटे पीआरटीसी के 77 बस ड्राइवर-कंडक्टर बुधवार को जबरदस्ती क्वारैंटाइन सेंटर से बाहर आ गए। गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब के क्वारैंटाइन सेंटर में रखे गए इन लोगों ने मांग की कि उन्हें उनके घरों में क्वारैंटाइन किया जाए। इससे पहले सोमवार को भी वो बाहर बात करने आए थे। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने फोन पर जल्द घर भेजने का भरोसा दिया था। उन्होंने बताया कि पटियाला डिपो के 77 चालकों व कंडक्टरों को 29 अप्रैल को क्वारंटाइन किया गया था और 13 मई को 14 दिन का पीरियड खत्म हो जाएगा। कई को घर भी भेज दिया गया है। इंस्पेक्टर मंगलजीत कौर ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के फैसले के बाद ही सभी को घर भेजा जाएगा।



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