• एयरलाइन ने बुधवार को पेटेंट और ट्रेडमार्क हासिल करने के लिए आवेदन किया, अक्टूबर से सेवाएं शुरू हो सकती हैं
  • एक विमान में 6 स्काईनेस्ट पॉड्स होंगे, प्रत्येक 6.5 फीट लंबा और 1.8 फीट चौड़ा है

दैनिक भास्कर

Feb 28, 2020, 11:14 AM IST

ऑकलैंड. हवाई सफर में कम रुपए खर्च कर सोने वालों के लिए एयर न्यूजीलैंड ने इकोनॉमी क्लास के स्लीपिंग पॉड बनाए हैं। इसे स्काईनेस्ट नाम दिया है। बुधवार को विमानन कंपनी ने पेटेंट और ट्रेडमार्क के लिए आवेदन दिया। पॉड्स को ऑकलैंड के हैंगर में 200 ग्राहकों पर टेस्टिंग करने के बाद तैयार किए गए हैं। इसमें तीन साल लगे। एयर न्यूजीलैंड की घोषणा के मुताबिक, विमान के इकोनॉमी के केबिन में छह फुल-लेंथ-फ्लैट स्लीप पॉड्स होंगे। हालांकि, विमान के भीतर स्काईनेस्ट वास्तविक स्थिति की पुष्टि होना अभी बाकी है।

प्रत्येक पॉड्स 200 सेंमी (6.5 फीट) लंबा और 58 सेंमी (1.8 फीट) चौड़ा है। इसके अंदर एक तकिया, बेडशीट, ब्लंकेट, एयर प्लग्स और निजता के लिए एक पर्दा होगा। इसके अलावा किताब पढ़ने के लिए लाइट और यूएसबी पोर्ट की सुविधा भी है। एयरलाइन इस साल अक्टूबर से स्काईनेस्ट को सेवाओं में कर सकती है। यह सेवा दुनिया की सबसे लंबी (ऑकलैंड से न्यूयॉर्क के बीच 17 घंटे 40 मिनट) उड़ानों में से एक में शुरू होगी। 
 
यात्री की थकान दूर करना चुनौती थी
एयर न्यूजीलैंड के मार्केटिंग चीफ और कस्टमर ऑफिसर माइक टॉड ने बताया, ‘‘लंबी यात्रा करने वाले इकोनॉमी क्लास के यात्रियों के चेहरे पर थकान दूर करने के लिए इसकी व्यवस्था की गई है। स्काईनेस्ट ऐसे यात्रियों को तुरंत राहत देगा और थकान की चुनौती को भी दूर होगी। लंबी यात्रा करने वालों के लिए यह सुखद पहल है।’’ हालांकि एयरलाइन ने इसी तरह की शुरुआत स्काईकोच लॉन्च के रूप में 2011 में थी। यह पहली एयरलाइन थी, जिसने इकोनॉमी क्लास को आरामदायक बनाने की पहले पहल की। स्काईनेस्ट से एयरलाइन इस प्रतिबद्धता को साबित करती दिख रही है। इसमें यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी सीटों को बिस्तर का आकार देने की अनुमति थी। 

एयरलाइन ने 2011 में इकोनॉमी स्काईकोच लॉन्च किया था।

स्काईनेस्ट का चार्ज का अभी तय नहीं
एयर न्यूजीलैंड के कर्मचारी ने मीडिया को बताया, स्काईनेस्कट के लिए औपचारिक आवेदन अभी प्रक्रिया में नहीं है। हालांकि, हमने यात्रियों की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए ही स्काईनेस्ट का डिजाइन तैयार किया है, लेकिन इसके लिए यात्रियों को कितना अधिक रुपया खर्च करना होगा, इस बारे में लागत और मैंटेन खर्च का आकलन किया जाना है। इसके बाद ही स्काईनेस्ट की कमर्शियल सेवा शुरू होगी।

भविष्य में उड़ान का अनुभव हमारे लिए खास
एक विमान में मात्र 6 पॉड्स होने पर इनकी डिमांड अधिक होने के सवाल पर एयरलाइन के जनरल मैनेजर निक्की गुडमैन का कहना है, ‘‘हम भविष्य में उड़ान के अनुभव को देखते हैं,  जहां लंबी-लंबी उड़ानों पर एक इकोनॉमी-क्लास पैसेंजर अपनी इकोनॉमी सीट के अलावा स्काईनेस्ट को बुक करने में सक्षम होंगे। इनमें वे कुछ आरामदायक समय बिताते हुए अपने गंतव्य पर पहुंचेंगे।’’





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