दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 05:37 AM IST

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने प्रदेश सरकार की तरफ से मेडिकल शिक्षा की गई बेतहासा वृद्धि का तीखा विरोध किया। आप ने मांग की है कि पंजाब और पंजाब के डाक्टरी शिक्षा के विद्यार्थियों की हो रही अंधी लूट को नकेल कसने के लिए हाईकोर्ट के मौजूदा जज पर आधारित न्यायिक आयोग गठित किया जाए जो समयबद्ध जांच करके 2013 से अब तक की प्रति विद्यार्थी एमबीबीएस, बीडीएस, एमडी ,एमएस और नर्सिंग काॅलेजों के लिए निर्धारित और वसूली फीसों पर वाइट पेपर जनतक करे।

पार्टी की कोर समिति के चेयरमैन और विधायक प्रिंसिपल बुद्धराम ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कैबिनेट ने डाक्टरी शिक्षा के लिए फीसों में बढ़ोतरी करके पंजाब में डाक्टरी की पढ़ाई को पूरे देश की अपेक्षा महंगा कर दिया है। …प्रिंसीपल बुद्ध राम ने कहा जो विद्यार्थी 9 सालों की उच्च-डाक्टरी पढ़ाई तक 2 करोड़ रुपए से अधिक फीसों पर निवेश करेगा, वह पंजाब के सेहत विभाग की तरफ से दिए जा रहे कम वेतनों पर सेवाएं क्यों देगा? 

फीस कम करे सरकार...प्रिंसिपल बुद्ध राम ने कहा महंगी फीस होने के चलते साधारण परिवारों के योग्य विद्यार्थी डाक्टरी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इसलिए सरकार इस फैसले पर फिर से विचार-विमर्श कर राज्य के सरकारी और प्राईवेट मेडिकल डेंटल और नर्सिंग कालेजों की फीसें आम घरों के होनहार विद्यार्थियों की पहुंच में करनी चाहिए हैं। इसके अलावा प्रो. कौर और मीत हेयर ने कहा कि कांग्रेस सरकार बादल सरकार की तरह मेडिकल शिक्षा माफिया के साथ मिली हुई है।



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