सिरसा4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

गांव खेड़ी के किसान रामचंद्र, ओम प्रकाश गोदारा, दलीप बुडानिया, राम सिंह, शीशपाल, हरदत्त, कृष्ण कुमार, ओम प्रकाश ज्याणी के खेतों में प्रवेश किया। इन्होंने बताया शुक्रवार रात को टिड्डी दल ने गांव की सीमा में प्रवेश किया जिससे करीब 100 एकड़ में खड़ी नरमें, कपास, गवार, बाजरे व मूंग की फसल को 10 से 20 प्रतिशत नुकसान हुआ। फसलों के हुए नुकसान को लेकर कृषि विभाग की टीम सर्वे करेगी। उसके बाद रिपोर्ट डीसी के पास जाएगी। वहीं कुछ किसानों का कहना था कि प्रशासन ने देरी से कार्रवाई शुरू की, अगर जल्दी से कार्रवाई होती तो उन्हें नुकसान कम होता। मगर प्रशासन की तैयारियां पूरी नहीं थी। हमने शाम को ही टिड्डी दल की सूचना दे दी थी।

राजस्थान बार्डर और खेड़ी गांव के आसपास के 20 से अधिक गांवों के किसान रात को देते रहे खेतों में पहरा

राजस्थान बार्डर और खेड़ी गांव के आसपास पड़ने वाले गांव जोगीवाला, चाहरवाला, रामपुरा नवाबाद, कागदाना, कुम्हारिया, गुसाईयाना, राजपुरा साहनी, गिगेारानी सहित 20 से अधिक गावों में अलर्ट था। वहां के किसानों ने भी खेतों में पहुंचकर पूरी रात पहरा दिया। किसान, बच्चे, जवान, महिला, बुजुर्ग देखते की खेतों में पंहुचे और टिड्डिïयों को किसी भी सूरत में फसलों पर बैठने नहीं देने के प्रयास करने लगे। सुबह टिड्डी दल के वापस राजस्थान की ओर रूख करने के बाद किसानों व कृषि अधिकारियों को राहत मिली।डीडीए बाबूलाल ने किसानों कहा कि घबराएं नहीं बल्कि वे सचेत रहें, जहां भी टिड्डी दल दिखाई दें तो उसे एक स्थान पर बैठने न दें। उन्होंने कहा कि किसान टिड्डïी दल को लेकर जिला प्रशासन व कृषि विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। टिड्डïी दल पहुंचने की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि ज्यादातर टिड्डी बड़े झुंड बनाकर चलती है। एक बार तो खतरा टल गया है फिर भी सतर्क रहें व टिड्डी को अपने खेतों में न बैठने दें। उन्होंने कहा कि अभी सजग रहें और टिड्डी दिखाई देने पर अपने खेत में पहुंचे और थाली, प्लेट, परात, पीपी, ड्रम, ढ़ोल-नगाड़े या अन्य यंत्र जो ज्यादा आवाज व शोर करें, उनको खेतों में बजाए जहां टिड्डी दिखाई दे रही है।

15 दिन में दूसरी बार हमला, नुकसान की भरपाई के लिए अभी ओदश नहीं

जिला में टिड्डी दल ने 15 दिन के दौरान दूसरी बार फसलों पर हमला किया है। इससे पहले 11 जुलाई को ऐलनाबाद साइड के गांव माधोसिंघाना से होते हुए टिड्डी दल ने जिला में प्रवेश किया था। देर शाम तक रंगड़ी खेड़ा, धिंगतानियां, मोडियाखेड़ा, चौबुर्जा, माद्योसिंघाना, मल्लेकां, मंगाला, उमेदपूरा भूर्टवाला, चिलकनी सहित अन्य गांव में फसलों पर हमला बोला था। उमेदपुरा और केशूपुरा के पास रात को ठहराव किया था। तब प्रशासन ने ऑपरेशन करके दल को खत्म किया था। उस दौरान करीब एक हजार एकड़ फसल को नुकसान हुआ था। मगर केवल सर्वे करके डीसी को नुकसान की सूचना कृषि विभाग ने दे दी थी, मगर अभी तक नुकसान की भरपाई के लिए कोई आदेश नहीं दिया गया है।

0



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here